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कानपुर में बनेगा जीका डेडीकेटेड हॉस्पिटल, 6 किमी के दायरे में मिले हैं 115 केस; 18 बच्चे भी संक्रमित

उत्तर प्रदेश के कानपुर में जीका संक्रमण के हर रोज नए मामले सामने आ रहे हैं, ऐसे में CM योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि शहर में एक अलग जीका डेडीकेटेड हॉस्पिटल बनाया जाए. सीएम ने बुधवार को केडीए सभागार में अधिकारियों के साथ जीका संक्रमण की स्थिति पर समीक्षा बैठक की और कई अहम निर्देश दिए. नए निर्देशों के मुताबिक गर्भधारण आयु वर्ग की हर शादीशुदा महिला की स्क्रीनिंग की जाएगी और गर्भवती का हर महीने अल्ट्रासाउंड किया जाएगा. इस मौके पर कानपुर के विधायकों ने मुख्यमंत्री से फॉगिंग न होने की शिकायत भी की.

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जीका की रोकथाम के लिए शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को जोन में बांटकर फॉगिंग करने और सर्विलांस बढ़ाने के भी आदेश दिए हैं. सीएम ने सीएमओ डॉक्टर नैपाल सिंह को निर्देश दिए कि चकेरी क्षेत्र में विस्तृत सैंपलिंग की जाए और सोर्स रिडक्शन पर भी जोर दिया जाए. इस मौके पर घाटमपुर विधायक उपेंद्र पासवान ने फॉगिंग न होने की शिकायत की और बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने कहा कि दीपावली पर ही फॉगिंग और सफाई कराई गई. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि कॉलेज में जीका की जांच शुरू हो गई है. जल्द ही स्कूलों, कॉलेजों में एनजीओ के जरिये जीका से बचाव के लिए जागरुकता अभियान चलाया जाएगा.

कानपुर से सामने आए हैं सबसे ज्यादा केस

देश में अब तक सबसे ज्यादा जीका पॉजिटिव केस कानपुर से सामने आए हैं. इसके साथ ही यूपी सबसे ज्यादा जीका मरीजों वाला राज्य बना गया है. 2021 में इतने केस किसी भी राज्य में नहीं आए हैं. इससे पहले साल 2018 में राजस्थान में देश में सर्वाधिक 159 केस मिले थे. हेल्थ डिपार्टमेंट के कई प्रयास के बाद भी मरीजों की संख्या थम नहीं पा रही है. बता दें कि महज 15 दिन में कानपुर के 6 किमी. दायरे के 16 मोहल्ले इसकी चपेट में आए हैं. उधर केरल में अब तक 70 पॉजिटिव मिल चुके हैं. देश का दूसरा सबसे ज्यादा जीका संक्रमित राज्य केरल ही है.

लगातार सामने आ रहे हैं नए केस

स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और नगर निगम समेत अन्य टीमों के सक्रिय होने के बाद भी जीका के लगातार नए केस सामने आ रहे हैं. चकेरी एयरफोर्स कैंपस से 23 अक्टूबर 2021 को सामने आया जीका संक्रमण ने 15 दिन में 16 मोहल्लों को अपनी चपेट में ले लिया है. सिर्फ 6 किमी. के दायरे में 15 दिन में जीका के 118 केस मिले हैं, इसमें 18 बच्चे भी शामिल हैं. हेल्थ डिपार्टमेंट और नगर निगम ने अब तक 6 किमी. के दायरे को कंटेनमेंट एरिया घोषित कर दिया है. डोर-टू-डोर सर्वे, सोर्स डिडक्शन और टेस्टिंग चल रही है. इसके बाद भी नए इलाकों में संक्रमितों के मिलने का सिलसिला नहीं थम रहा है.

चकेरी के इन मोहल्लों में सबसे ज्यादा खतरा

परदेवन पुरवा, लालकुर्ती, आदर्श नगर, एयरफोर्स स्टेशन कैंपस, ओमपुरवा, काजीखेड़ा, हरजेंदर नगर, काकोरी शिवकटरा, तुलसी नगर, बदली पुरवा, भवानीपुर, पोखरपुरवा, श्याम नगर ई-ब्लॉक, कोयला नगर, तिवारीपुर बगिया, देहली सुजानपुर, गिरजा नगर में संक्रमण फैल चुका है.

CM योगी ने कहा- घबराएं नहीं, स्थिति नियंत्रण में

सीएम योगी ने बुधवार को कानपुर में जीका वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जारी प्रयासों की समीक्षा के बाद बताया कि कानपुर में पिछले एक महीने में जीका वायरस के 105 केस मिले हैं. जिनमें से 17 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं. सीएम ने कहा कि शहर के पांच वार्ड इस वायरस के संक्रमण से विशेष रूप से प्रभावित थे, लेकिन स्थानीय प्रशासन एवं नगर निगम के सामूहिक प्रयासों की मदद से निगरानी एवं स्वच्छता अभियान को तेज कर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया.

उन्होंने बताया कि वायरस के संक्रमण को पूरी तरह से रोकने के लिए निगरानी कर्मियों की अतिरिक्त टीमें लगाई हैं. साथ ही शासन स्तर पर विशेषज्ञों की भी सेवाएं ली जा रही हैं. योगी ने कहा कि जिन मरीजों का घर पर ही इलाज (होम आइसोलेशन) हो रहा है, उनकी भी लगातार निगरानी की जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी जीका वायरस के 88 मरीजों का इलाज चल रहा है, उम्मीद है कि ये मरीज भी जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे. मैंने समीक्षा में पाया कि सभी स्तरों पर किए जा रहे उपायों को बेहतर तरीके से अंजाम दिया जा रहा है. इस स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है.

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