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यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह बोले- बीजेपी कार्यकर्ता दलितों को समझाएं, जातिवाद नहीं राष्ट्रवाद के नाम पर वोट दें

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दलों ने विभिन्न जातियों के वोटबैंक को साधना शुरू कर दिया है. वहीं लखनऊ में एक सम्मेलन में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपने गांव में जाकर दलित परिवारों से मुलाकात करें और उनके साथ चाय पिएं. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता उन्हें समझाएं कि जातिवाद, क्षेत्रवाद और पैसे के नाम पर वोट न दें, बल्कि राष्ट्रवाद के नाम पर राज्य में होने वाले विधानसभा में वोट दें.

उन्होंने कहा कि देश को आजादी तब मिली जब स्वतंत्रता सेनानियों ने जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर आजादी की लड़ाई एक साथ लड़ी. स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि राज्य में 2022 में होने वाले चुनाव में भगवान राम के लिए बीजेपी की सरकार बननी है और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरा करना है. इसलिए पार्टी कार्यकर्ता कड़ी मेहनत करे. सिंह ने लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वह दलित समाज के लोगों से बात करें और उन्हें राष्ट्रवाद के नाम पर वोट देने के लिए प्रेरित करें. उन्होंने कहा कि दलित समाज से जातिवाद नहीं बल्कि राष्ट्रवाद के नाम पर वोट देने को कहें.

योगी सरकार से खुश है प्रदेश की 23 करोड़ जनता

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में गुंडाराज खत्म हुआ है और राज्य विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है. आज राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं और यूपी को नई पहचान मिली है. सिंह ने कहा कि आज बीजेपी की सरकार में राज्य की 23 करोड़ जनता सुरक्षित महसूस कर रही है. कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी एक परिवार के विकास के लिए पार्टी नहीं है, बल्कि राष्ट्रहित पार्टी का सर्वोपरि ध्येय है. राज्य की जनता बीजेपी सरकार के कामकाज से संतुष्ट है और इस बार भी ज़बरदस्त बहुमत के साथ राज्य में बीजेपी की सरकार बनेगी.

मोदी सरकार ने हटाया अनुच्छेद 370

सिंह ने कहा कि केन्द्र में बीजेपी की सरकार बनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रतिष्ठा दुनिया में बढ़ रही है और देश मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया और पिछले 70 सालों में कोई भी सरकार इस पर फैसला नहीं कर सकी.

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