उत्तर प्रदेशफतेहपुर

श्रमिक हितों के लिए जो काम योगी सरकार ने किये पूर्व की सरकारों ने सोंचा तक नहीं : स्वामी प्रसाद मौर्य

फतेहपुर। श्रमिकों के कल्याण व हित के लिए प्रदेश की योगी सरकार में जो कार्य किये जा रहे हैं आज तक पूर्ववर्ती सरकारों ने उतना कभी सोंचा तक नहीं था। श्रमिक के घर पुत्री के जन्म होते ही 25 हजार रुपये आर्थिक मदद देने का काम किया जा रहा है। पुत्री की शिक्षा व विवाह हर स्तर में श्रमिक को सहायता दी जा रही है। यह बातें जिला में गुरूवार को श्रमिकों की विभिन्न काल्याणकारी योजनाओं के एक कार्यक्रम में बोलते हुए प्रदेश सरकार के श्रम सेवायोजन एवं समन्वय कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहीं।

श्रमिकों को साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल पर प्रहार करते हुए कहा कि पहले श्रमिकों की साईकिल लाल टोपी वाले ले जाते थे, आज श्रमिकों को उनका लाभ मिल रहा है। भाजपा सरकार में श्रमिकों का विधिवत पंजीकरण करा कर उन्हें कई तरह से लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में साइकिल तो बंटती थी लेकिन यह साइकिल समाजवादी लोग ले जाते थे। लाल टोपी वालों ने श्रमिकों के अधिकारों को छीनने का काम किया है।

उन्होंने पंजीकृत किसानों के लिए लाभ गिनाते हुए कहा, यदि पंजीकृत मजदूर अपने घर से बेटी की शादी करते हैं तो उन्हें 55 हजार की आर्थिक सहायता और सामूहिक विवाह में 65 हजार की आर्थिक सहायता दी जा रही है। कैंसर, लीवर ट्रांसप्लांट से लेकर सभी गंभीर बीमारियों के लिए पूरा खर्च श्रम विभाग दे रहा है। मातृत्व हित लाभ योजना में गर्भवती महिला को तीन माह की न्यूनतम मजदूरी और एक हजार अतिरिक्त कुल 25 हजार का लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिक के घर बिटिया के जन्म पर 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का काम योगी सरकार कर रही है। स्कूल जाने पर प्राथमिक से लेकर इंजीनियरिंग, मेडिकल से अधिक की पढ़ाई के लिए 150 से 12 हजार रुपये प्रति माह तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इंजीनियर, मेडिकल में दाखिला लेने पर पूरी फीस श्रम विभाग देने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि 04 से 22 हजार रुपये तक मेधावियों को छात्रवृत्ति दी जाती है। जिन श्रमिकों के बच्चे, बच्चियां 09, 10, 11, 12 की कक्षा में पढ़ते हैं आज उन्हें यहां पर साईकिल वितरित की गयी है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए योगी आदित्यनाथ ने बड़ी योजनाओं को लागू किया है। इसी क्रम में प्रत्येक मंडल में श्रमिकों के बच्चों ले लिए आवासीय विद्यालय बनाये जा रहे हैं। यहां पर पंजीकृत श्रमिकों के बच्चे पढ़ाई-लिखाई करेंगे और अपना बेहतर भविष्य बनाएंगे।

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