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सियासी मैदान में बेटे आजमा रहे हैं किस्मत, वजूद बचाने को पिता की प्रतिष्ठा लगी है दांव पर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण के लिए मतदान जारी है और अब राज्य में महज सातवें चरण का मतदान बचा है. राज्य में छठे और सातवें चरण का मतदान पूर्वांचल में सिमट गया है और कई सियासी दिग्गजों के बेटे इस चरण में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. वहीं बेटों के साथ ही उनके पिताओं की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. फिलहाल छठा चरण में सबसे ज्यादा चर्चा गोरखपुर को लेकर हो रही है और वहीं सातवें चरण में चुनाव का केन्द्र वाराणसी बन गया है. यही नहीं छठे और सातवें चरण में कई सीटें हाईप्रोफाइल हैं और इन सीटों पर सियासी दलों के नेता चुनाव तो लड़ रहे हैं , लेकिन अपनी वजूद बचाने के लिए उनके पिता जद्दोजहद कर रहे हैं.

फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर की दो सीटों पर सबसे ज्यादा चर्चा है. क्योंकि इन दो सीटों पर दिग्गज नेताओं के बेटे चुनाव लड़ रहे हैं. इसमें सबसे पहले बात करते हैं चिल्लुपार सीट की. जहां विनय शंकर तिवारी एसपी के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं. वह इससे पहले बीएसपी में थे और चुनाव से ठीक पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थामा है. विनय शंकर तिवारी पूर्वांचल के कद्दावर बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी के बेटे हैं और अपने पिता के सियासी वजूद को बचाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है. हरिशंकर तिवारी इस सीट पर लगातार जीतते आए हैं. वहीं इस सीट पर विनय शंकर के साथ हरिशंकर तिवारी की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है.

संजय निषाद के बेटे लड़ रहे हैं चुनाव

गोरखपुर जिले की दूसरी सीट चौरी-चौरा है और यहां से निषाद पार्टी के प्रमुख डॉ संजय निषाद के बेटे सरवन कुमार एनडीए के उम्मीदवार हैं. वह अपनी पार्टी के टिकट पर मैदान हैं और बीजेपी इस सीट पर उन्हें समर्थन दे रही है. इस सीट पर भी डॉ संजय निषाद की प्रतिष्ठा सरवन कुमार से ज्यादा जुड़ी हुई है. क्योंकि निषाद पार्टी पहली बार बीजेपी के साथ गठबंधन में है और उस पर ज्यादातर सीटों पर जीत दर्ज करने का दबाव है.

ओपी राजभर के बेटे भी आजमा रहे हैं किस्मत

वहीं पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की शिवपुर सीट में सुहेलदेव रतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर चुनाव लड़ रहे हैं. ओपी राजभर ने राज्य में समाजवादी पार्टी के साथ सियासी गठबंधन किया है और इस सीट पर एसपी उन्हें समर्थन दे रही है. वहीं इस सीट पर ओपी राजभर की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. क्योंकि राजभर का दावा है कि राज्य में वह बीजेपी का सफाया कर देंगे. जबकि 2017 का विधानसभा का चुनाव सुभासपा ने बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा था.

इन सीटों पर लड़ चुके हैं सियासी नेताओं के बेटे

यूपी में अभी तक पांच चरण का मतदान हो चुका है और छठे चरण के लिए मतदान जारी है. वहीं इससे पहले हरदोई मे नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल, बाराबंकी की जैदपुर सीट से पीएल पूनिया के बेटे तनुज पूनिया, बहराइच की कैसरगंज सीट से मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा के बेटे गौरव वर्मा समेत कई नेताओं के बेटे चुनाव के मैदान में हैं और इनकी किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है.

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