उत्तर प्रदेशलखनऊ

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है, बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है: अशोक सिंह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को साढ़े चार वर्षों में बदहाल, बेहाल करने के साथ जनता पर निर्ममतापूर्वक शासन करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महंगाई, बेरोजगारी, हत्या अपराध दुष्कर्म रोकने में पूरी तरह विफल रहने के बाद इधर-उधर की बातों के साथ झूठे आंकड़े की फेहरिस्त लेकर जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय नकारात्मक विभाजनकारी राजनीति कर गुमराह करने का प्रयास कर रहें हैं। यह लोकतंत्र के लिये खतरनाक संकेत है।

यह आरोप उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के संयोजक व प्रवक्ता अशोक सिंह ने लगाते हुए कहा कि जिन्ना का लगातार नाम लेने के बजाय वह बताये की उत्तर प्रदेश में हत्या अपराध महंगाई बेरोजगारी रोकने के लिये क्या किया है।अशोक सिंह ने कहा 70 लाख रोजगार देने का वादा करने वाले 4 लाख नौकरियां देने का प्रचार कर रहे हैं, लेकिन यह नहीं बता रहें हैं कि कोरोनाकाल में उनकी नीति के चलते कितने लोग बेरोजगार हो गये,लाखो लोगों को बेरोजगारी की अंधेरी गुफा में ढकेलने की सोची समझी रणनीति पर काम करने वाली सरकार के कार्यकाल में महिलाओं, बेटियों, बच्चियों के साथ विभत्स घटनाएं हो या रिकार्ड तोड़ अपराध बढ़े हो, उस पर मुख्यमंत्री कब बात करेंगे।

यही नही सरकार की पुलिस निरअपराध और अन्याय से पीड़ित लोगों की हत्या करने के पाप पर वह मौन क्यों है? उन्होंनें कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार अपने लोक संकल्पपत्र के वादे पर एक कदम नहीं चल पायी, उसका उद्देश्य बेरोजगार,नौजवानों के साथ किसानों पर अत्याचार करने तक सीमित है।

कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह ने कहा कि जनता के एजेंडे और संवैधानिक दायित्वों के निर्वाहन में एक विफल सरकार के मुखिया चुनाव की बेला में समाज को विभाजित करने, मिथ्या पर मिथ्या और जल्दी-जल्दी तेज-तेज बोलकर जनमानस को भ्रमित करने का असफल प्रयास कर रही है और कराह रही जनता के सवालों के जवाब देने से मैदान छोड़कर भाग चुकी अहंकारी भाजपा सरकार के दिन सीमित हो चुके है। जनता लोकतांत्रिक तरीके से पूरा हिसाब बराबर करने के लिये आतुर है और कांग्रेस व प्रियंका गांधी की तरफ आशाभरी निगाहों से देखकर बदलाव के लिये प्रतिबद्ध हो चुकी है।

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