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अयोध्या के नाम पर एक और रिकॉर्ड, 20 करोड़ दर्शकों ने देखी राम नगरी की रामलीला

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आयोजित दस दिवसीय रामलीला ने एक रिकार्ड बनाया है. इस रामलीला को 20 करोड़ दर्शकों ने देखा. असल में लक्ष्मण किले के प्रांगण में मेरी मां फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित फिल्मी सितारों के साथ मंचन रामलीला के अंतिम दिन शुक्रवार को दशहरा पर्व आयोजित किया गया. इस मौके पर अन्याय के प्रतीक के रूप में रावण का 40 फीट का पुतला दहन किया गया.

रामलीला का मंचन दस दिनों से किया जा रहा था और दशहरे के मौके पर इसका समापन किया गया. इससे पहले इससे पहले भगवान राम और लंकापति रावण के बीच भीषण युद्ध का दृश्य बेहद रोमांचकारी था. इस युद्ध में विभीषण की सलाह के बाद प्रभु राम ने रावण की नाभि में स्थित अमृतकुंड पर निशाना साधा और फिर रावण जमीन पर गिर गया और रावण के मरने के साथ ही रामलीला में डिजिटल आतिशबाजी के बीच विस्फोट के साथ रावण के पुतले को आग के हवाले कर दिया गया.

बुराई पर अच्छाई की जीत

बुराई पर अच्छाई की जीत के स्वरूप रावण का पुतला दहन करने के साथ ही पूरा परिसर भगवान श्री राम के जयकारों से गूंज उठा. रामलीला के दूसरे दृश्य में लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद अयोध्या लौटे प्रभुराम के राज्याभिषेक के साथ ही राम राज्य की अवधारणा को फिर से साकार करने की लोगों की इच्छा का प्रदर्शन हुआ.

‘प्रथम तिलक वशिष्ठ मुनि कीन्हा’ की परंपरा में लक्ष्मण किलाधीश महंत मैथिली रमण शरण महाराज ने भगवान श्रीराम का तिलक किया और उनके साथ ही अन्य संतों और अतिथियों ने भी एक-एक कराकर भगवान का तिलक किया. इसके साथ ही दस दिन तक चलने वाली रामलीला का समापन हो गया.

रामलीला को लेकर थी आपत्ति

दरअसल रामलीला के दृश्यांकन को लेकर संत समाज ने आपत्ति जताई थी. क्योंकि संत समाज का कहना था कि रामलीला में पारंपरिक मंच के अलावा अन्य कहानियों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए. वहीं अयोध्या में दूसरी बार फिल्मी कलाकारों द्वारा मंचित किया गया था. इस विरोध के बाद रामलीला आयोजन समिति के अध्यक्ष सुभाष मलिक उर्फ बाबी ने सभी से अलग-अलग मुलाकात की और उनके सुझाव लिए थे. बताया गया कि पहले रामलीला मंचन राधेश्याम रामायण के आधार पर की जा रही थी. जिसको लेकर आपत्ति दर्ज की गई थी.अयोध्या में रामलीला मंचन की परंपरा रामचरित मानस के अनुसार होती ह. इसको लेकर संतों को आपत्ति थी. लेकिन बाद में संतों की आपत्तियों का निस्तारण करते हुए गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रामचरित मानस के आधार पर इसका मंचन किया गया.

पीएम और सीएम के साथ ही दूरदर्शन का जताया आभार

रामलीला के समापन के मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि इस बार 20 करोड़ से ज्यादा लोगों ने दुनिया के हर कोने में अयोध्या की रामलीला देखी और एक नया कीर्तिमान बनाया है. इसके लिए उन्हों पीए नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही दूरदर्शन का भी आभार जताया.

भाग्यश्री बनी माता सीता तो शाहबाज खान बने रावण

अयोध्या की रामलीला में फिल्मी कलाकारों ने विभिन्न भूमिका निभाई। इसमें शाहबाज खान ने रावण का किरदार तो अभिनेता बिंदू दारा सिंह ने हनुमानजी, अभिनेत्री भाग्यश्री ने माता सीता ,राज माथुर ने भरत, राहुल बुच्चर ने प्रभु श्रीराम की भूमिका निभाई और राजेश पुरी ने नारद की भूमिका निभाई थी. वहीं भोजपुरी स्टार और गोरखपुर से सांसद रविकिशन ने परशुराम की भूमिका निभाई तो दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने अंगद की भूमिका निभाई थी. जबकि अवतार गिल ने विभीषण और रजा मुराद ने कुंभकर्ण की भूमिका निभाई.

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