उत्तर प्रदेशफ़र्रूख़ाबाद

फतेहगढ़ जेल में बवाल की उच्च स्तरीय जांच शुरू, जेल महानिदेशक ने बनाई SIT

उत्तर प्रदेश की फतेहगढ़ जिला जेल में हुए बवाल की जांच के लिए स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम यानि एसआईटी का गठन कर दिया गया. इस आशय की जानकारी सोमवार रात राज्य जेल महानिदेशक आनंद कुमार ने दी. एसआईटी का गठन जेल महानिदेशक द्वारा ही किया गया है. राज्य जेल महानिदेशालय की ओर से गठित एसआईटी के मुखिया बी पी त्रिपाठी (उप महानिरीक्षक कारागार) होंगे. जबकि अमरीश गौड़ (वरिष्ठ जेल अधीक्षक उत्तर प्रदेश राज्य जेल महानिदेशालय), पीके शुक्ला (वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार फतेहगढ़) को बहैसियत सदस्य शामिल किया गया है.

एसआईटी घटना से संबंधित विभिन्न पहलुओं की गंभीरता से जांच कर अपनी रिपोर्ट राज्य जेल महानिदेशालय में दाखिल करेगी. साथ ही घटना की न्यायिक जांच जनपद न्यायाधीश द्वारा नामित ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा कराए जाने के आदेश भी जारी कर दिए गये हैं. इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन की ओर से अपर जिला मजिस्ट्रेट भी घटना की जांच कर रहे हैं. इस मामले में जेल प्रशासन सुनियोजित तरीके से हिंसा करने हिंसा भड़काने, उपद्रव मचाने, आगजनी, बलवा की धाराओं में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पहले ही दर्ज करवा चुका है. इस घटना की गंभीरता के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश जेल महानिदेशक आनंद कुमार बवाल के तुरंत बाद ही मौके पर पहुंचे थे.

जेल महानिदेशक दल-बल सहित पहुंचे

डीजी जेल यूपी के साथ आयुक्त कानपुर मंडल,आई जी पुलिस कानपुर रेंज, डीएम/ एसपी फर्रुखाबाद , जेल डी आई जी कानपुर रेंज , वरिष्ठ जेल अधीक्षक कारागार मुख्यालय के साथ जेल में हुई हिंसा के बाद के हालातों का जायजा लेने पहुंचने वाले अफसरों में शामिल थे. अधिकारियों की इस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए जेल में हुई तोड़फोड़ से क्षति आगजनी एवं हिंसा के विभिन्न स्थलों/ पहलुओं को देखा और जेलकर्मियों और बंदियों से पूछताछ की और नुकसान का भी अंदाजा लगाया. इसके बाद ही डीजी जेल यूपी आनंद कुमार ने घटना की जांच के लिए कारागार विभाग के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करके एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन सोमवार को कर दिया. उल्लेखनीय है कि यह सब कसरत 6 नवंबर 2021 को यहां बंद एक कैदी की संदिग्ध मौत के बाद की गई है.

साथी कैदी की मौत से भड़के थे मुलजिमान

जिला कारागार फतेहगढ़ में बंद 29 साल के कैदी संदीप यादव पुत्र रणधीर रणवीर सिंह यादव, निवासी बिराहिमपुर थाना मेरापुर जिला फर्रुखाबाद की 6 नवंबर 2021 को मौत हो गई थी. उसके बाद जेल में बंद बाकी कैदी भड़क गए. साथी कैदी संदीप की मौत से गुस्साए कैदियों ने जेल में बलवा, हिंसा, आगजनी, पथराव कर दिया. जिसमें कुछ कैदी और तमाम जेलकर्मी भी जख्मी हो गए. हालांकि राज्य जेल महानिदेशक आनंद कुमार ने मीडिया को घटना के तुरंत बाद ही बताया था कि, कैदी संदीप की मौत डेंगू के चलते हुई थी. जबकि उसके साथ जेल में बंद कैदियों ने घटना को बढ़ा-चढ़ाकर और ही रूप देकर जेल के भीतर हिंसा-उपद्रव को अंजाम दे डाला. जोकि एक पूर्व सुनियोजित षडयंत्र का हिस्सा था.

डीएम और एसपी ने संभाला था मोर्चा

डेंगू से मरने वाले जिस कैदी की मौत की आड़ लेकर जेल के भीतर बवाल मचाया गया वो कैदी हत्या और दहेज उत्पीड़न के एक मुकदमें में गिरफ्तार करके जिला जेल फतेहगढ़ में विचाराधीन कैदी के रूप में ले जाकर बंद किया गया था. डेंगू होने पर उसे सैफई स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Saifai) में दाखिल किया गया था. अस्पताल में इलाज के दौरान 6 नवंबर 2021 को उसकी मौत हो गई. संदीप की अस्पताल में मौत के अगले दिन यानी 7 नवंबर को सुबह के वक्त जेल परिसर में कैदियों को सुबह का नाश्ता बांटा जा रहा था. उसी वक्त कैदियों के एक बड़े गुट ने जेलकर्मियों व अफसरों पर हमला बोल दिया. जेल में भड़के कैदियों और वहां उत्पन्न उपद्रव आगजनी को काबू करने के लिए मौके पर डीएम, एसपी तक को पहुंचना पड़ा था.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button