उत्तर प्रदेशलखनऊ

धामपुर शुगर मिल पर नहीं लगेगा 20 करोड़ रुपये का जुर्माना, सुप्रीम कोर्ट ने NGT के आदेश पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश स्थित धामपुर शुगर मिल्स लिमिटेड की चार यूनिट पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन को लेकर 20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण समेत कई अन्य एजेंसियों को नोटिस भी जारी किए हैं.

जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जे के माहेश्वरी की पीठ ने धामपुर शुगर मिल की अपील पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य को नोटिस जारी किए हैं. इन सभी को छह सप्ताह के भीतर नोटिस का जवाब देना है.

आगे कोई और कदम नहीं उठाएंगे: कोर्ट

पीठ ने कहा, ‘‘नोटिस जारी कीजिए, जिसका जवाब छह सप्ताह में दिया जाए. इस बीच, प्रत्येक इकाई पर पांच-पांच करोड़ रुपये के जुर्माने के भुगतान और प्रतिवादी संख्या एक से तीन तक (धामपुर शुगर मिल्स लिमिटेड) द्वारा दिए जाने वाले 10 लाख रुपये के शुल्क संबंधी आदेश पर स्थगन रहेगा.’’ शीर्ष अदालत ने आठ अक्टूबर के अपने आदेश में यह भी कहा कि नुकसान के आकलन के लिए एनजीटी की ओर से गठित समिति छह सप्ताह की अवधि तक आगे कोई और कदम नहीं उठाएगी.

इन मिलों पर लगाया था जुर्माना

कंपनी ने एनजीटी के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर की थी. एनजीटी ने धामपुर शुगर मिल्स की जिला संभल स्थित धामपुर शुगर मिल्स, जिला बिजनौर स्थित धामपुर शुगर मिल्स और जिला बिजनौर स्थित धामपुर डिस्टिलरी यूनिट के साथ ही धामपुर शुगर मिल्स, मीरगंज, जिला बरेली पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन को लेकर पांच-पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.

हरित इकाई ने निर्देश दिया था कि जुर्माने का भुगतान एक सितंबर 2021 से 30 दिन के भीतर किया जाना चाहिए. एनजीटी ने पर्यावरण को पहुंचे नुकसान का आकलन करने के लिए सीपीसीबी, यूपीपीसीबी और संबंधित जिलाधिकारियों की एक समिति भी गठित की थी.

(भाषा इनपुट के साथ)

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