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अखिलेश के ट्वीट पर बीजेपी ने ली चुटकी, कहा-जनता को मत पहनाइए टोपी

उत्‍तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर नेताओं और राजनीतिक दलों के बीच ऐसी सियासी जंग छिड़ी हुई है कि कब कौन सी बात मुद्दा बन जाए और किस एक शब्‍द पर बवाल मच जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। ताजा मामला गुरुवार को अखिलेश यादव और भाजपा के बीच छिड़े ‘महानवमी है या रामनवमी’ विवाद का है। दरसअल, अखिलेश यादव ने प्रदेश की जनता को शुभकामना देने के लिए एक ट्वीट किया, अब इस ट्वीट को लेकर भाजपा ने उन पर ऐसा निशाना साधा है कि हर किसी का ध्‍यान इस ओर जा रहा है।

दरअसल, अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में महानवमी पर लोगों को रामनवमी की बधाई दे दी। इस ट्वीट में उन्‍होंने लिखा था- ‘आपको और आपके परिवार को रामनवमी की अनंत मंगलकामनाएं!’। हालांकि थोड़ी देर बाद ही उन्‍होंने इस ट्वीट को हटाकर नया ट्वीट किया-‘आपको और आपके परिवार को महानवमी की अनंत मंगलकामनाएं!’

लेकिन तब तक भाजपा को वार करने का मौका मिल चुका था। उत्‍तर प्रदेश भाजपा की ओर से अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर अखिलेश के ट्वीट को टैग करते हुए लिखा गया-‘जिस अखिलेश यादव को यह तक नहीं पता कि रामनवमी और महानवमी में क्या अंतर है, वो ‘राम’ और ‘परशुराम’ की बात करते हैं… जनता को मत पहनाइए ‘टोपी’, वह आप पर ज्यादा अच्छी लगती है…’।

इस विवाद पर भाजपा नेता अमित मालवीय ने मीडिया से कहा कि रामनवमी तो चैत्र मास मे आती है। शारदीय नवरात्र में तो महानवमी होती है। यह तो मां दुर्गा की अराधना का दिन है। इसके बाद दशहरा आता है। उन्‍होंने कारसेवकों पर गोली चलाए जाने की याद दिलाते हुए कहा कि ऐसा करने वाले चुनाव आते ही हिंदू होने का ढोंग करने लगते हैं।

कब मनाई जाती है रामनवमी

रामनवमी चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन चैत्र नवरात्रि का समापन होता है। इस साल 21 अप्रैल 2021 को रामनवमी पड़ी थी। भगवान राम के जन्‍म के दिन चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि थी। रामनवमी भगवान श्री राम के जन्‍मोत्‍सव के रूप में मनाई जाती है।

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