उत्तर प्रदेशमुरादाबाद

चुनाव से पहले यूपी में जिन्ना पर सियासत, ओवैसी बोले-अखिलेश इतिहास पढ़ें

मुरादाबाद में एआईएमआईएम के मुखिया असैदुद्दीन ओवैसी ने कहा हिंदुस्तान के दो टुकड़े होने में मुसलमान जिम्मेदार नहीं। पाकिस्तान बंटवारे पर हिन्दुस्तान को जिन्ना ने तोड़ा। कांग्रेस इसके लिए जिम्मेदार है। उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव को इतिहास पढ़ने की सलाह दी। भाजपा और संघ को चुनौती दी कि किसी भी प्लेटफार्म पर बहस कर लें वह तैयार हैं। मुसलमानों पर विभाजन का आरोप न लगाएं।

पीर का बाजार करूला में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनाव में जिन्ना कहां से आ गए यह मुझे समझ में नहीं आ रहा। सपा मुखिया की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिन्ना की बात करके जो लोग समझते हैं कि मुसलमानों का वोट मिल जाएगा तो उनकी गलत फहमी है। मुसलमानों में जिन्ना के लिए हमदर्दी नहीं है। मुसलमान वतन परस्त है और अपने वतन हिन्दुस्तान में रहा पाकिस्तान नहीं गया। ओवैसी बोले सपा ने जिन्ना पर बोला तो भाजपा को भी मौका मिल गया।

आरएसएस वाले बताएं देश की आजादी में उनका क्या योगदान है। मुसलमानों ने अपना खून बहा कर देश को आजाद करवाया। अगस्त 1980 में मुरादाबाद के ईदगाह में पुलिस फायरिंग का जिक्र छेड़ कर कहा कि तीन सौ मुसलमान शहीद हो गए। तब कांग्रेस की सरकार थी। जलसे में मौजूद लोगों से कहा कि इस तारीख को भूलना मत। अब तक हालात नहीं बदले हैं। दो दिन पहले बाबा (योगी) के क्षेत्र गोरखपुर में एक मुसलमान ने हरा झंडा लगाया तो कुछ गुंडों ने उसे पाकिस्तान का झंडा बता कर पीटा। यूपी में जब मुसलमानों पर जुल्म होता है तो न अखिलेश बोलेंगे, न कांग्रेस बोलेगी और न बसपा बोलती है। जब कोई मुसलमानों की बात करने आता है तो कहते हैं यह भाजपा की बी टीम है।

व्यापारी की मौत पर बाबा और अखिलेश पहुंचे, अल्ताफ के घर कौन जाएगा

असदउद्दीन ओवैसी ने कहा गोरखपुर में व्यापारी गुप्ता साहब की हत्या पर बाबा (मुख्यमंत्री) उनके घर जाते हैं और पचास लाख देकर आते हैं पुलिस की गिरफ्तारी भी होती है। अखिलेश यादव जाते हैं 21 लाख देकर चले आते हैं। यह ठीक है, लेकिन अल्ताफ के घर क्यों नहीं जाते क्योंकि वह मुसलमान है गरीब है। कासगंज में पुलिस स्टेशन में एक मुस्लिम युवक की हत्या कर उसे आत्महत्या बताया जाता है। ओवैसी ने मौजूद लोगों से कहा अगर उस युवक की मौत का दर्द आपने अपने सीने में महसूस नहीं किया तो आप मुसलमान नहीं हैं।

यूपी में 19 फीसदी मुसलमान फिर भी अपनी सियासी ताकत नहीं 

ओवैसी ने आवाम से मुखातिब होते हुए झकझोरा कि मुसलमान मरता है तो कोई आवाज नहीं उठती क्या हमारे खून की कीमत नहीं है। यह तब है जब यूपी में 19 फीसदी मुसलमान है। हमारी कोई लीडरशिप नहीं है। चंद मुसलमान लीडर जो हैं उनकी वहां कोई अहमियत नहीं है। असदउद्दीन ओवैसी यह कहने आया है कि अपनी लीडरशिप बनाइये अब बहुत जुल्म हो चुका। मैं तुमसे वोट की भीख मांगने नहीं आया इतना कहने आया हूं कि सियासी ताकत बनाओ। तुम अपने मुकद्दर के फैसले करने लायक तभी बनोगे जब अपनी लीडरशिप बनाओगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अखिलेश यादवों के नेता नहीं, योगी ठाकुरों के नेता नहीं, क्या मायावती दलितों की नेता नहीं तो आप क्यों नहीं अपनी लीडरशिप बनाते।

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