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संकट में अन्नदाता।

लोकेश त्रिपाठी अमेठी – किसानों को खेतों का राजा और अन्नदाता जैसे विशेषण से नवाजा जाता है । एक तरफ जहां सरकार किसानों के हित की बात करती है तरह-तरह की योजनाओं से उनको लाभ देना चाहती है । वहीं पर दूसरी तरफ उनके अधिकारी कर्मचारी के द्वारा किसानों को नुकसान पहुंचाया जाता है । जी हां ऐसा ही मामला अमेठी जनपद की सदर तहसील गौरीगंज के ग्रामसभा कटारी में देखने को मिला । जहां पर रेसी गांव से लेकर कटारी गांव तक साढ़े 6 किलोमीटर लंबी सड़क का पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के द्वारा कराया जा रहा है । लेकिन सड़क निर्माण कराने का ठेका विभाग के द्वारा ठेकेदार को दिया गया है और यह ठेकेदार सड़क के दोनों तरफ पटरियों को बनाने के लिए इसी अन्नदाता के खेतों की खुदाई गलत तरीके से कर रहे हैं । जिसके चलते खेत की उपजाऊ मिट्टी सड़क में चली जा रही है और उसकी उर्वरा शक्ति नष्ट हो जा रही है । यही नहीं इसके साथ साथ खेत का लेवल भी खराब हो जा रहा है । इस समय किसानों के खेतों में धान के फसल की रोपाई का कार्य प्रगति पर है । ऐसे में खेतों की मिट्टी निकाल कर वहां पर गड्ढा कर देना इस समय किसानों के ऊपर किसी बड़े संकट से कम नहीं है । क्योंकि महंगाई अपने चरम पर है पेट्रोलियम पदार्थों में लगातार वृद्धि के चलते खाद बीज जुताई इत्यादि सब महंगे हो गए हैं । ऐसे में अब खेतों का लेवल करवाना भी काफी महंगा कार्य है । जिसको लेकर संबंधित सभी किसानों ने विरोध जताया । जिसकी शिकायत उन्होंने अपने नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य बबलू प्रधान से की मौके पर पहुंचे बबलू प्रधान ने देखा और तत्काल उन्होंने इस संबंध में पीएमजीएसवाई के एक्सईएन से बात किया । ग्रामीणों का कहना है कि रोकने के बावजूद ठेकेदार ने गलत तरीके से खेतों की मिट्टी की खुदाई का कार्य किया है। इससे हमारे खेतों को बहुत नुकसान पहुंचा है अब हम लोग इसको बराबर नहीं करवा पाएंगे ऐसे में ठेकेदार द्वारा या तो हम लोगों को मुआवजा दिया जाए या तो फिर हमारा खेत बराबर कराया जाए। हम लोग विकास कार्य में पूरा सहयोग देने को तैयार है। सड़क बनाने में जितनी जमीन आएगी उसको देने को तैयार हैं। लेकिन जब मिट्टी के कार्य का अलग से पैसा मिलता है तो बाहर से मिट्टी लाकर डालें हम अपने खेत को बर्बाद नहीं करेंगे।

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