उत्तर प्रदेशहरदोई

शिकायत पर कार्यवाही न होने से अनशन पर बैठा युवक

  • जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा वित्तीय अनियमितता बरतने के संबंध में उच्चाधिकारियों से की थी शिकायत

कछौना (हरदोई)। कस्बा निवासी एक युवक ने जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा सेवा प्रदाता एजेंसी पर सांठगांठ कर वित्तीय अनियमितता बरतने के आरोप लगाते हुये उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच किए जाने हेतु शिकायत की थी।शिकायत करने के उपरांत एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद किसी भी प्रकार की जांच व कार्यवाही न होने से क्षुब्ध होकर शिकायतकर्ता ने बीते बुधवार से अपने घर पर ही अनिश्चित कालीन भूंख हड़ताल शुरू कर दी।

कस्बा कछौना के स्टेशन रोड स्थित तुलसी मार्केट निवासी शिकायतकर्ता युवक प्रशांत शुक्ल ने जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी सहित मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि उसने बीते मई माह की 15 तारीख को जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी व मुख्यमन्त्री को शिकायती पत्र के माध्यम से जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार व सेवा प्रदाता एजेंसी लीपर्ड सिक्योरिटी सर्विसेज द्वारा सांठगांठ के तहत विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों आदि संस्थाओं में बरती जा रही वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्यवाही की मांग की थी।

लेकिन शिकायत करने से बाद एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद मामले पर किसी भी प्रकार की जांच और कार्यवाही न होने पर अधिकारियों की मामले को लेकर बरती जा रही शिथिलता के कारण उसने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करते हुये बीते मंगलवार 1 जुलाई से अपने घर पर ही खाद्य पदार्थों का सेवन त्यागते हुये केवल पेयजल का सेवन करने का संकल्प/अनशन शुरु किया है।

युवक का अनशन शुक्रवार को तीसरे दिन भी लगातार जारी रहा। अनशन पर बैठे शिकायतकर्ता ने बताया कि बुधवार से अन्न का त्याग कर केवल पानी पीकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रकट कर रहा है। यदि इसके बावजूद प्रशासन ने शिकायत का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच व कार्यवाही नहीं की तो भविष्य में अन्न के साथ जल का भी परित्याग करने पर मजबूर होगा। शिकायतकर्ता युवक का कहना है कि जिला समाज कल्याण अधिकारी व सेवा प्रदत्ता संस्था की मजबूत साठ-गांठ से समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम पद्धति विद्यालय छात्रावास व अन्य संस्थानों में संविदा पर रखे गए कर्मचारियो के वेतन से दो हजार से ढाई हजार रुपये प्रति माह की कटौती कर कम से कम पचास हजार रुपये प्रति माह का बीते तीन वर्ष से गबन किया जाता रहा है।

शिकायत के बावजूद किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही न होने से वित्तीय अनियमितता बरतने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक मामले पर उच्चाधिकारियों द्वारा जांच व कार्यवाही नहीं की जाती है।शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में जब जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार से उनका पक्ष जानने के लिए संवाददाता द्वारा संपर्क किया गया तो उन्होंने लगाए गए आरोपों से बचने के लिए शिकायतकर्ता प्रशांत शुक्ल को अपना कर्मचारी मानने से ही मना कर दिया।जबकि प्रशांत ने बताया कि उनके पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि वो विभाग के कर्मचारी थे और संबंधित अधिकारियों द्वारा अनियमिताएं बरती गई हैं।

रिपोर्ट: “एस.बी.सिंह सेंगऱ”

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