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वीवीआइपी जिले अमेठी में बांस बल्ली के सहारे 4 सालों से दौड़ रही है विद्युत करंट।

प्रदेश का विद्युत विभाग अपने कारगुजारी ओं से हमेशा चर्चा का विषय बना रहता है कभी वह बिना कनेक्शन के विद्युत बिल जारी कर देता है तो कभी अनावश्यक अनाप-शनाप बिजली का बिल देकर उपभोक्ताओं को परेशान करता है इसकी कार्यप्रणाली बिल्कुल ध्वस्त हो चुकी है जिसके चलते आए दिन लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ जाता है अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं कि अमेठी में बिजली से अलग-अलग जगहों पर तीन लोगों की मौत हुई है इसके बावजूद पूरा महकमा कुंभकरण की नींद में सोया हुआ है जगह जगह पर पारो का जंजाल खुले में रखे ट्रांसफार्मर तथा ओवरफ्लो करती विद्युत लाइनें पोल एवं इसके बाद में उतरते करंट इसकी कारस्तानी को उजागर करते हैं। इस विभाग की एक और बड़ी लापरवाही प्रकाश में आई है जो कभी भी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकती है।

 

जी हां हम बात कर रहे हैं वीवीआइपी क्षेत्र अमेठी की जहां जगदीशपुर विकास खण्ड के नौदाड़ गांव में 2016 में आई आंधी में कई खम्भे टूट गए वीआईपी जिले की स्थिति यही रही कि 4 साल में भी खम्भा नही लगया जा सका ।आखिरकार कुछ समय तो गाँव वाले बिजली सप्लाई से वंचित रहे । लेकिन आखिरकार गाँव वालों ने बांस बल्ली के सहारे बिजली सप्लाई की व्यवस्था कर बिजली का लाभ लेने लगे। लेकिन इन बांस बल्ली से केबिल के सहारे गाँव मे रोशनी पहूंचाने वाले तार कब किसी की जान ले लेंगे कोई नही जानता। इससे भी दिलचस्प पहलू यह है कि भाजपा मंडल महामंत्री पद पर होते हुए उसकी शिकायत विभाग से लेकर राज्य मंत्री सुरेश पासी से कर चुके है। लेकिन समस्या जस कि तस बनी हुई है ।


यह वही अमेठी जिला है जिसकी रहनुमाई सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और इसी क्षेत्र के विधायक सुरेश पासी जो उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री हैं इसके अलावा इस जिले के प्रभारी मंत्री मोहसिन रजा भी जिले की देख रेख कर रहे है। इसी क्षेत्र में व्यवस्थाओ का हाल ढोल के अंदर पोल साफ दिखा रहा। लकड़ी के पोल को बदलने के लिए गांव वालों के द्वारा बार-बार शिकायत की जाती है लेकिन विद्युत विभाग कान में तेल डाल बैठा रहता है वह सुनता ही नहीं है। वही करती 11000 वोल्ट की लाइन हरे पेड़ों से होकर गुजरती है जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकता है।

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