उत्तर प्रदेशताज़ा ख़बरलखनऊ

रेप केस में आरोपी BSP सांसद अतुल राय को स्पेशल कोर्ट से मिली राहत, जांच अधिकारी ने पक्ष में दी गवाही

उत्तर प्रदेश के बसपा सांसद अतुल राय को स्पेशल कोर्ट से रेप मामले में बड़ी राहत मिली है. स्पेशल कोर्ट में उनके खिलाफ चल रहे केस की सुनवाई के दौरान वाराणसी के सीओ ने अभियोजन पक्ष के विरुद्ध जाकर अतुल राय के पक्ष में अपना बयान दर्ज कराया है. अब कोर्ट में अगली तारीख पर भी इस मामले में बयान दर्ज किया जाएगा. जिस के बाद अभियोजन पक्ष इन पर बहस कर सकेगा.

सुनवाई के दौरान विशेष अदालत के न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव के सामने जेल से लाकर अतुल राय को पेश किया गया. यहां अतुल राय के वकील ने क्षेत्राधिकारी भेलूपुर वाराणसी रहे अमरेश कुमार सिंह बघेल को बचाव पक्ष के गवाह के रूप में पेश किया. कोर्ट ने अमरेश कुमार सिंह बघेल का बयान दर्ज किया गया. चूंकि कोर्ट के पास समय नहीं था इस कारण अगली तारीख 1 अक्तूबर को बयान दर्ज कराने को कहा गया है. इसके बाद अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता इस पर बहस कर सकेंगे.

बलिया की रहने वाली युवती ने लगाया है रेप का आरोप

2019 में सांसद अतुल राय पर एक युवती ने वाराणसी में अपने घर बुलाकर रेप का आरोप लगाया था. पीड़िता बलिया की रहने वाली है. युवती की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया और फिर सांसद को सरेंडर करना पड़ा था. जिसके बाद आरोपी सांसद के पिता भारत सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी को एक प्रार्थना पत्र दिया था. इसमें कहा था कि अतुल राय के खिलाफ साजिश के तहत एक झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई हैृ. इसकी जांच कराई जाए इस प्रार्थना पत्र पर सीओ भेलूपुर को जांच करने का आदेश जारी हुआ था.

8 अगस्त 2020 को उन्होंने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी को दी थी. अतुल राय के पिता भारत सिंह ने सीओ भेलूपुर के द्वारा की गई जांच रिपोर्ट को सूचना के अधिकार के कानून के तहत मांगा था. इस पर यह रिपोर्ट उन्हें 21 अगस्त 2020 को मिल गई थी. अतुल राय की ओर से इसी रिपोर्ट को एक प्रार्थना पत्र के साथ अदालत में देकर मांग की गई थी कि सीओ अमरेश कुमार सिंह बघेल को बतौर बचाव पक्ष के गवाह तलब कर उनका बयान दर्ज किया जाए.

युवती ने कर ली थी आत्महत्या

सांसद पर रेप का आरोप लगाने वाली युवती ने अपने एक साथी के साथ पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट के सामने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी. अस्पताल में कुछ दिनों तक मौत से जूझने के बाद दोनों ने दम तोड़ दिया था. आत्महत्या करने से पहले युवती ने फेसबुक लाइव करते हुए वाराणसी के पुलिस अफसरों पर कई आरोप लगाए थे.

सांसद के प्रभाव में आकर युवती को ही प्रताड़ित करने का अधिकारियों पर आरोप भी लगा था. युवती के आत्मदाह के बाद वाराणसी के कैंट थाना प्रभारी और मामले के विवेचक को निलंबित भी किया गया था. बता दें कि मामले की जांच फिलहाल एसआईटी कर रही है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button