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रिकार्ड तोड़ बारिश ने खोली सिस्टम की पोल, नगर निगम का सच आया सामने

लखनऊ। पिछले 24 घंटे से लगातार रिकार्ड तोड़ बारिश के चलते गुरूवार को राजधानी जहां पूरी तरह से जलमग्न हो गयी। वहीं दूसरी ओर सिस्टम की भी पोल खुल गयी। हालात ये हो गये नालें और नालियां सिल्ट से पटी दिखायी पड़ी तो सड़कें नदियां बन गयी। कई क्षेत्र ऐसे भी रहे जहां कमर से उपर तक पानी भर गया। सड़कें धंस गयी और पेड़ भी गिर गये और आवगमन भी बधित हो गया, ऐसे में लोगों को काफी परेशानियो का सामना करना पड़ा।

दरअसल गुरुवार को शहर में इतनी बारिश हो गयी जिसकी उम्मीद भी नहीं की गयी थी, उधर नगर निगम के लापरवाह अफसरों के चलते बाढ़ पंपिंग स्टेशनों पर पंप चलाने के लिए डीजल तक नहीं था। कानपुर रोड का सीवेज पंपिंग स्टेशन चलाने के लिए कोई इंतजाम ही नहीं था। दोपहर बाद जेनरेटर पहुंचा तब पम्प चल पाया। बाढ़ पंपिंग स्टेशनों पर कर्मचारी भी नदारद थे। जबकि नगर निगम को ये पता था कि नालों की सफाई सिर्फ कागजों पर की गयी तो समय रहते डीजल की व्यवस्था कर दी जाये और कर्मचारियों को आगाह कर दिया जाये, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सफाई के नाम पर करोड़ों का बजट हुआ खर्च

नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर के नालों की सफाई के नाम पर करोड़ों रूपए खर्च कर दिए गये, लेकिन हकीकत में नालें कितने साफ हुए इसका निरीक्षण तक नहीं किया गया। इस लापरवाही का नतीजा ये हुआ कि सत्र की पहली सबसे तेज बारिश ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है।

48 पंपिंग स्टेशन, और बाढ़ जैसे हालात

शहर को बारिश की बाढ़ से बचाने के लिए गोमती नदी में गिराने के लिए कुल 48 बाढ़ पंपिंग स्टेशन बनाए हैं। इन्हें हमेशा अलर्ट पर रहना होता है। खासकर बारिश के दिनों में। लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस ओर तनिक भी ध्यान नहीं दिए और जब रात में बारिश शुरू हो गयी तो स्थिति नियंत्रण में नहीं की जा सकी।

नगर निगम का पंप और लोगों के चंदे ये आया डीजल

शक्तिनगर के पास लगा बाढ़ पंपिंग स्टेशन तो दोपहर 1:00 बजे के बाद चालू हो सका। इसी तरह अन्य पंप भी सुबह तक नहीं चल सके। जब स्थिति गंभीर हुई और हाहाकार मचने लगा तब अधिकारियों को बाढ़ पंपिंग स्टेशनों की याद आई। उधर शक्तिनगर के दर्जनों लोग खुद पंपिंग स्टेशन पहुंच गए। वहां डीजल नहीं था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन लोगों ने खुद चंदा लगाकर डीजल मंगवाया। जिसके बाद पंपिंग स्टेशन चालू हो सका।

बिजली गुल तो नहीं चला पंपिंग स्टेशन

आशियाना, एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड तथा आलमबाग क्षेत्र में भीषण जलभराव की वजह से यहां बना सीवेज पंपिंग स्टेशन बंद रहा। बिजली जाने की वजह से स्टेशन नहीं चल सका। जिसकी वजह से पानी नहीं निकल पा रहा था और पूरा पानी कॉलोनी और मोहल्लों में भर रहा था। जब यहां की सड़कें टापू बन गईं।

मौके का निरीक्षण करें अधिकारी, दिखायी पड़ेगा सच

शहर के नालों की सफाई में बड़ा खेल हुआ। साफ-सफाई ठीक से नहीं कराई गई। जिसकी वजह से बारिश में भीषण जलभराव हुआ। मंड़ियांव थाना क्षेत्र के नाले की सफाई सिर्फ कागजों पर हुई है। यहां बना नाला पूरे क्षेत्र का पानी गोमती नदी तक पहुंचाता है, लेकिन स्थानीय लोगों की शिकायत पर भी नाला समय से नहीं साफ हुआ , क्षेत्र में हालात बाढ़ जैसे हो गये।

बीच सड़क पर पेड़ गिरने से आवागमन बधित

बारिश के बीच गुरूवार को कई सड़कों पर पेड़ गिर गये जिसके चलते आवामन बाधित हो गया। सीतापुर मुख्य मार्ग पर पेड़ गिरने से लंबा जाम लग गया। वहीं दूसरी ओर निरालानगर आठ नंबर चौराहे पर भी एक बड़ा पेड़ गिर जाने से ट्रैफिक रूट बदलना पड़ा। अलीगंज स्थित बीएसएनएल कालोनी के पास भी एक पेड़ गिरने एक तरफ से ही वाहन निकल सके।

जिलाधिकारी ने किया मौके का निरीक्षण

जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने गुरुवार को बटलर पैलेस के आस पास, नरही, कालिदास मार्ग व हज़रतगंज के आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम को निर्देश दिया कि जिन जिन स्थानों पर जलभराव की समस्या है उनका तत्काल निस्तारण कराया जाए तथा लेसा विभाग को निर्देश दिया कि यदि किसी क्षेत्र में विधुत ब्रेकडाउन होता है तो उसका निस्तारण तत्काल कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा की जलभराव, वक्षृ पतन व विधुत ब्रेकडाउन से सम्बंधित समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड टीमो का गठन किया जाए।किसी भी दशा में जलभराव, विधुत ब्रेकडाउन व आमजनमानस को असुविधा को बर्दाश्त नही किया जाएगा।

जारी की गयी हेल्पलाइन सेवा

जल भराव, वक्षृ पातन इत्यादि के लिए नगर निगम कंट्रोल रूम नम्बर 6389300137/6389300138/6389300139 पर, विधुत ब्रेकडाउन के लिए हेल्पलाइन नम्बर 1912 तथा अन्य किसी समस्या के लिए इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल कमाण्ड सेंटर के नम्बर 0522-4523000 पर समस्या दर्ज कराई जा सकती है।

पंपिंग स्टेशनों पर सभी कर्मचारियों को अलर्ट जारी किया गया है, इसके साथ ही पूरी टीम को निरीक्षण पर लगाया गया है, जहां भी खामियां उसे उसे दूर किया जा रहा है…

अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त नगर निगम

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