उत्तर प्रदेशलखनऊ

यूपी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनेंगी 900 सड़कें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 900 सड़कों का निर्माण जल्द कराया जायेगा। अगले तीन माह के भीतर इन सड़कों का काम पूरा हो जायेगा। इन सड़कों के निर्माण से करीब पांच हजार गांवों को आवागमन से जोड़ा जायेगा। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने जनवरी 2021 में केंद्र सरकार को 1215 सड़कों का डीपीआर भेजा था। इसमें केन्द्र सरकार ने 898 सड़क निर्माण को स्वीकृति दे दी जबकि 299 सड़कों पर अधिक लागत आने का हवाला देकर पत्रावली वापस कर दी थी।

इसलिए अब उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत एफडीआर तकनीक से सड़कें बनाई जायेंगी। इस तकनीकि से बनने वाली सड़कें भी मजबूत होंगी और उनकी लागत भी कम आयेगी। क्योंकि इस तकनीकि में पहले से बनी सड़कों के मटैरियल को प्रयोग में ले लेते हैं। इससे जहां पहाड़ टूटने से बचेंगे वहीं आवागमन का खर्चा भी बचेगा। ग्राम्य विकास विभाग ने इस तकनीक का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों का दल विजयवाड़ा भेजा था। सुलतानपुर जिले के कूड़ेभार में इस तकनीकि से एक सड़क बनी है। विभागीय अधिकारी उसको देखने भी गये थे।

उत्तर प्रदेश के राज्य तकनीकी अधिकारी डीडी पाठक ने बताया कि फुल डेप्थ रिक्लेमेशन यानि (एफडीआर) तकनीक में पुरानी सड़क के पूरे मटैरियल का दुबारा इस्तेमाल हो जाता है और बाहर से गिट्टी लाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसमें सड़क का निर्माण भी तेजी से होता है और मरम्मत में खर्च भी कम आता है। इस तकनीकि की खास बात यह है कि सड़क निर्माण के 12 घंटे बाद ही यह चलने योग्य हो जाती है।

उन्होंने बताया कि अभी तक जो सड़क बनती थी उसकी ऊपरी परत तो मजबूत होती थी लेकिन अंदर की परत में मजबूत नहीं होती थी। इसलिए ऊपरी परत हटने के बाद निचली परत बहुत जल्दी उखड़ जाती थी। इस तकनीकि में निचली परत में भी मसाला डालकर मजबूत किया जायेगा। ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भानुचंद गोस्वामी ने बताया कि पीएमजीएसवाई के तहत नई तकनीक से तीन क्षेत्रों में सड़क निर्माण के लिए टेंडर मांगे गए हैं। इसके तहत प्रयागराज, चित्रकूट,हमीरपुर, झांसी, आगरा,हाथरस व मैनपुरी में सड़क का निर्माण किया जायेगा।

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