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महंत नरेंद्र गिरि को बाघंबरी मठ के बगीचे में दी गई भू-समाधि

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद  के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को भू समाधि दे दी गई. बाघंबरी गद्दी मठ में महंत के पार्थिव शरीर को भू समाधि दी गई. उन्होंने अपने सुसाइड नोट में इसी जगह पर भू समाधि की इच्छा जताई थी. भारी संख्या में जुटे संतों ने उन्हें हाथ जोड़ कर विदाई दी.  भू समाधि के दौरान साधु को समाधि वाली स्थिति में बिठाकर ही उन्हें विदा दी जाती है. जिस मुद्रा में उन्हें बिठाया जाता है, उसे सिद्ध योग की मुद्रा कहा जाता है. आमतौर पर साधुओं को इसी मुद्रा में समाधि देते हैं. महंत नरेंद्र गिरि की भी इसी तरह समाधि दी गई है.

इस दौरान संत समाज और उनके शिष्य मौजदू रहे. महंत नरेंद्र गिरि सोमवार को संदिग्ध हालत में मृत पाए गए थे. उनके कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला था. सुसाइड नोट में महंत नरेंद्र गिरि ने लिखा था कि 13 सिंतबर 2021 को मैं आत्महत्या करने जा रहा था. लेकिन हिम्मत नहीं कर पाया. आज जब हरिद्वार से सूचना मिली है कि एक दो दिन में आनंद गिरि कंम्प्यूटर के जरिए किसी महिला और लड़की के साथ गलत काम करते हुए फोटो वायरल कर देगा तो सोचा सफाई दूं मगर बदनामी का डर था. मैं जिस सम्मान से जी रहा हूं, तो बदनामी से मैं कैसे जिऊंगा.

आनंद गिरि को बताया मौत का जिम्मेदार

उन्होंने आगे लिखा आनंद गिरि का कहना है कि कहां तक सफाई देता रहूंगा. इससे दुखी होकर मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं. मेरी मौत का जिम्मेदार आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी हैं. प्रयागराज के सभी पुलिस अधिकारियों से मैं अनुरोध करता हूं कि उन पर एक्शन लिया जाए. मेरी मौत के जिम्मेदार उपरोक्त लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकी मेरी आत्मा को शांति मिले. मामले में आनंद गिरि और आद्या तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं उनके चारों गनर से भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

बलबीर गिरि को बनाया उत्तराधिकारी

महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में महंत बलबीर गिरि को उत्तराधिकारी बनाने की बात कही है. नरेंद्र गिरि की मौत के बाद महंत बलबीर गिरि ने कहा कि महंत जी के साथ जिन लोगों ने ये सब किया है, उन्हें हम अंदर भिजवा कर रहेंगे. हमें कानून पर पूरा भरोसा है. गुरुजी अपनी बातों को किसी को नहीं बताते थे. उन्हें पीड़ा होती थी, तो वे खुद सहन करते थे. किसी शिष्य को कुछ नहीं बताते थे.

बलबीर गिरि पर उठे प्रश्न

महंत नरेंद्र गिरि के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे प्रयागराज पहुंचे महंत राम विलास वेदांती ने नए उत्तराधिकारी बलबीर गिरी पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति का नाम सुसाइड नोट में उत्तराधिकारी के तौर पर है, ये उसी की साज़िश है. स्वयं महंत बनने के लिए दूसरों को फंसाने का षड्यंत्र किया गया है. ये सब गद्दी पर कब्जे के लिए किया गया है. इस मामले की CBI जांच ज़रूरी है.

बैकफुट पर बलबीर गिरी

खुद पर लगे आरोपों के बारे TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए बलबीर गिरि ने कहा मैं फिलहाल उत्तराधिकारी नहीं हूं. सिर्फ पंच परमेश्वर ही तय कर सकते हैं कि उत्तराधिकारी कौन होगा. मेरे खिलाफ अगर कोई आरोप हैं तो मैं जांच के लिए पूरी तरह तैयार हूं, मैं यहीं बैठा हूं कहीं नहीं जाने वाला. उन्होंने आगे कहा कि मैं महंत नरेंद्र गिरि की हैंडराइटिंग नहीं पहचानता हूं. चिट्ठी के नीचे उनके साइन थे इसलिए मुझे लगा कि ये उन्होंने ही लिखी है.

पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के पोस्टमार्टम के दौरान शुरुआती जांच में पता चला है कि उनकी मौत दम घुटने की वजह से हुई है. जानकारी के अनुसार आगे की जांच के लिए महंत नरेंद्र गिरि का विसरा सुरक्षित रखा गया है. पांच डॉक्टरों की टीम ने महंत नरेंद्र गिरि का पोस्टमार्टम किया. पोस्टमार्टम के पैनल में डॉक्टर लाल जी गौतम, डॉक्टर राजेश श्रीवास्तव, डॉक्टर अमित श्रीवास्तव, डॉक्टर बादल सिंह, डॉक्टर राजेश कुमार राय शामिल थे. इसी के साथ पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी की गई है.

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