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बेसिक शिक्षा विभाग में नया फर्जीवाड़ा

लोकेश त्रिपाठी-

शिक्षा विभाग जो एक पवित्र एवं सम्मानित विभाग माना जाता था। ऐसे में लगातार अब इस विभाग में फ्रॉड और जालसाजी का कारनामा देखने को मिल रहा है ।यह विभाग भी धीरे-धीरे लोगों की नजरों से उतरता जा रहा है । जहां पर अभी एक शिक्षिका 25 और जनपद में तैनात होने का मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था कि दूसरा मामला सामने आ गया। पूरे प्रदेश में अब एक पैन पर 3 हजार शिक्षकों के द्वारा वेतन लेने का फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जिसकी जांच एसटीएफ द्वारा कराया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद के 3 हज़ार से अधिक शिक्षक एक ही पैन पर वेतन प्राप्त कर रहे हैं, 100 से अधिक प्रकरण ऐसे भी हैं जिसमे दो शिक्षकों का वेतन एक बैंक खाते में जा रहा है। ऐसे शिक्षक पाए गए हैं जो फर्जी तरीके से पैन कार्ड लगाकर वेतन आहरित कर रहे थे ।

 

ऐसे में अमेठी जनपद में भी 2 शिक्षक जांच के दायरे में आए हैं जिनका तत्काल प्रभाव से बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्र द्वारा वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है और 3 सदस्य टीम गठित कर जांच की जा रही है । इसी के साथ दोनों जनपदों के बीएसए को पत्र भी लिख कर डिटेल मांगा गया है। आपको बता दें कि अमेठी जनपद के तिलोई तहसील में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय रमई में तैनात सहायक अध्यापक प्रवीण कुमार यादव की नियुक्ति वर्ष 2005 में हुई थी । उस समय तिलोई तहसील रायबरेली जनपद के अंतर्गत आता था । उसके बाद से संबंधित शिक्षक द्वारा बराबर वेतन लिया जा रहा है।अभी जांच में खुलासा हुआ है कि प्रवीण कुमार यादव ने जो पैन कार्ड लगाया है वही पैन नंबर वाराणसी में तैनात एक शिक्षक का है। अब इन दोनों शिक्षकों में से कोई एक तो फर्जी है । जिसका खुलासा जांच के बाद किया जा सकेगा।

इसी के साथ जनपद के संग्रामपुर ब्लाक अंतर्गत बड़ा नवादा उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले सहायक अध्यापक रमेश कुमार यादव का भी पैन कार्ड गोंडा जनपद में कार्यरत एक अध्यापक के पैन नंबर से सामान मिला है। इस सहायक अध्यापक की नियुक्ति वर्ष 2009 में हुई थी। तब से यह भी इसी जनपद के विद्यालय में कार्यरत है। उस समय यह विद्यालय जनपद सुल्तानपुर के अंतर्गत आता था। बाद में अमेठी जनपद का सृजन हुआ है। उक्त दोनों सहायक अध्यापकों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार मिश्र द्वारा नोटिस देते हुए अपने मूल कागजातों के साथ उपस्थित होकर सत्यापन कराने के लिए निर्देशित किया गया है । इसी के साथ खंड शिक्षा अधिकारी अमेठी, गौरीगंज एवं तिलोई को 3 सदस्य जांच कमेटी के रूप में उक्त प्रकरण की जांच हेतु लगाया गया है । जब तक जाँच प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाएगी दूध का दूध पानी का पानी नहीं हो पायेगा। तब तक इन दोनों अध्यापकों का वेतन तत्काल प्रभाव से बीएसए के द्वारा रोक दिया गया है।

वहीं पर इस मामले में जब भी BSA अमेठी विनोद कुमार मिश्र से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने टेलीफोन पर पूरी बात तो बताई पर कैमरे के सामने आने से साफ तौर पर मना कर दिया । उनका कहना है कि इसमें कौन सही है और कौन फर्जी यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा तभी हम कुछ कह सकने की स्थिति में होंगे।

बीएसए अमेठी द्वारा जारी आदेश की प्रति ।

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