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फिरोजाबाद में रहस्‍यमयी बुखार से 24 घंटे में चार की मौत, अब तक 45 लोगों की गई जान

फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश में ऐसी रहस्यमय बीमारी चल रही है, जिसके शिकार मासूम हो रहे हैं. उत्तर प्रदेश में एक दो नहीं, बल्कि 6 जिलों में रहस्यमयी बुखार से बच्चे ना सिर्फ बीमार पड़ रहे हैं, बल्कि दम भी तोड़ रहे हैं. इससे उत्तर प्रदेश में अब तक 45 बच्चों की मौत हो चुकी है.

सबसे ज्यादा खराब हालत फिरोजाबाद की है.

रहस्यमयी बुखार के कारण सबसे ज्यादा फिरोजाबाद में 39 बच्चों की जान गई है. यहां रात में 4 लोगों की मौत हो गई. इसमें तीन बच्चे शामिल हैं. इसी के साथ जिले में अनजान बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 45 हो गया है. हालांकि, प्रशासन ने अब तक 39 मौतों की ही पुष्टि की है. वहीं शनिवार को एक दिन के अंदर सहारनपुर के टपरी कला गांव में भी चार लोगों ने दम तोड़ दिया था. यहां 100 से ज्यादा लोगों का अभी इलाज चल रहा है. मथुरा के फरह ब्लॉक के 3 गांवों में 60 से ज्यादा लोग इस अनजान बुखार की चपेट में हैं.

एक दिन पहले सीएम योगी पहुंचे थे अस्‍पताल, भर्ती बच्चों का जाना था हाल

इससे एक दिन पहले सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ फिरोजाबाद पहुंचे और अस्पताल में भर्ती बच्चों का हाल-चाल जाना. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिरोजाबाद जिले में डेंगू से अब तक करीब 40 लोगों की मौत होने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सोमवार को कहा कि सर्विलांस टीम से जांच कराकर जिम्मेदारी तय की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे डेंगू के मरीजों का हाल जानने और प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई तथा चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बच्चों की मौत की जांच लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की टीम तथा सर्विलांस टीम से कराई जाएगी ताकि इन मौतों का असल कारण पता लग सके.उन्होंने कहा कि लखनऊ से टीम लगातार इसकी निगरानी करेगी और शासन स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी.

सीएम ने हर मरीज को सरकारी अस्‍पताल में इलाज के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने हर मरीज के लिए सरकारी अस्पताल में ही इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पूरे जनपद में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए. योगी ने कहा कि कुछ लोगों के नमूनों की जांच किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ व राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान पुणे में कराई जाएगी जिससे मौत के कारणों का पता लग सके.

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