उत्तर प्रदेशरायबरेली

दो दिवसीय दौरे पर प्रियंका गांधी जिले में रहकर पार्टी कार्यकर्ताओं से होंगी रूबरू

रायबरेली। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी 2 दिवसीय दौरे पर जनपद आ रही हैं । पार्टी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 12 से 13 सितंबर को प्रियंका में रहकर संगठन के काम काज की समीक्षा करेंगी । तय कार्यक्रम में वह जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के अतिरिक्त ब्लॉक अध्यक्ष व न्याय पंचायत अध्यक्ष के साथ आगामी विधानसभा की तैयारियों पर चर्चा करेंगी। नगर कांग्रेस अध्यक्ष, शहर कांग्रेस कमेटी और वार्ड अध्यक्ष के साथ भी बात करेंगी।

सभी फ्रंटल, विभाग, प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और पार्टी के पूर्व विधायक, पूर्व प्रत्याशियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करके बूथ वार संगठन की मौजूदा स्थिति पर गहन चर्चा कर सकती हैं। पार्टी के टिकट पर सदस्य जिला पंचायत का चुनाव जीतने वाले सदस्यों के साथ बैठक करके जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी की हार के कारणों को पता लगाने का प्रयास करेंगी। भुएमऊ गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगी । अगले दिन13 सितंबर को कार्यकर्ताओं के साथ ही आमजन से मुलाकात करेंगी । सूत्रों की माने तो प्रियंका गांधी कुछ गांवों का भ्रमण भी कर सकती हैं।

वेंटीलेटर पर चल रही कांग्रेस को प्रियंका से संजीवनी की दरकार

लोकसभा चुनाव में यूपी में गांधी का गढ़ माने जाने वाले वीवीआइपी जिले ने पार्टी की आलाकमान सोनिया गांधी को चुनाव जिताकर अपनेपन का सुबूत दिया। कांग्रेस को यूपी में अपनी खिसक चुकी जमीन को ढ़हने से बचाने के लिए वफादार चेहरों की तलाश है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 2 सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाबी मिली थी। उल्लेखनीय है कि सदर और हरचंदपुर की जिन दो सीटों से पार्टी को जीत मिली उन दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी से वाक ओवर मिला था। एक वर्ष भी नही बीता कि कांग्रेस के टिकट और सपा के सहयोग से जीते दोनों विधायकों ने पार्टी से ही बगावत कर दी।

सदर विधानसभा की विधायक अदिति सिंह और हरचंदपुर से विधायक राकेश सिंह भाजपा के पाले में चले गए और पार्टी का खुलकर विरोध करने लगे। बीते महीनों सम्पन्न हुए जिला पंचायत के चुनावों में बमुश्किल से 8 जिला पंचायत सदस्य जीतने में कामयाब रहे। लेकिन सपा से मिले समर्थन के बाद भी पार्टी को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में 9 मतों से पराजय का सामना करना पड़ा।

उधर ब्लाक प्रमुख के चुनाव में कई ब्लाकों में पार्टी को प्रत्याशी तक ढूंढे नही मिला था। वर्तमान समय में जब विधानसभा चुनाव को कुछ ही महीने शेष बचे हैं। तो कई विधानसभा में अभी भी पार्टी को जिताऊ चेहरे की खोज है । अब देखना है की चुनाव से ठीक पहले प्रियंका गांधी वाड्रा के सामने कौन कार्यकर्ता अपनी शशक्त दावेदारी पेश करता है और टिकट फाइनल कराने में कामयाब होगा। फिलहाल वेंटीलेटर पर चल रही कांग्रेस को प्रियंका से संजीवनी की दरकार है।

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