उत्तर प्रदेशमेरठ

देश के लिए शहीद हुए मेरठ के मेजर मयंक विश्नोई, 16 दिन पहले शोपियां मुठभेड़ में हुए थे घायल

मेरठ: शोपियां मुठभेड़ (Shopian Encounter) में घायल हुए मेरठ के मयंक विश्नोई आज इलाज के दौरान शहीद हो गए.  27 अगस्त को आतंकियों से लोहा लेते हुए वह घायल हो गए थे. जिसके बाद गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 16 दिनों तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद आज वह शहीद (Martyr Major Mayank) हो गए. जैसे ही मेरठ में उनकी शहादत की खबर पहुंची पूरे परिवार में मातम पसर गया.

शहीद मेजर का पार्थिव शरीर रविवार सुबह मेरठ पहुंचेगा. पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. 30 साल के मेजर मयंक विश्नोई (Major Mayank Vishnoi) साल 2010 में देहरादून से पासआउट हुए थे. जिसके बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर में पोस्टिंग दी गई थी. 27 अगस्त को शोपियां में वह आतंकियों से लोहा लेते हुए बुरी तरह से घायल हो गए थे. मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने उनके सिर में गोली मार दी थी. जिसके बाद घायल हालत में उन्हें सैनिक अस्पताल (Udhampur Army Hospital) में भर्ती कराया गया था.

शोपियां में शहीद हुआ मेरठ का लाल

इलाज के दौरान मेजर मयंक अस्पताल में ही शहीद हो गए. मेजय मयंक की शहादत की खबर सुनते ही आसपास के लोग उनके घर सांत्वना देने पहुंचने लगे हैं. हालांकि उनके पिता और परिवार के दूसरे सदस्य फिलहाल उधमपुर में ही मौजूद हैं. शहीद मेजर के मामा ने बताया कि मयंक बचपन से ही काफी जुनूनी थे. वह सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहते थे. उन्होंने कहा कि वह ये नहीं जानते थे कि 30 साल की उम्र में ही वह देश के लिए शहीद हो जाएंगे.

राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम-संस्कार

मेयर मंयक मेरठ के शिवलोकपुरी के रहने वाले थे. जब से उनके शहीद होने की खबर मिली है उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. शहीद मेजर के चचेरे भाई अंकित ने बताया कि सेना की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक फिलहाल उनका पार्थिव शरीर उधमपुर आर्मी अस्पताल में ही मौजूद है. रविवार सुबह वह मेरठ पहुंचेगा. जहां पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी.

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