उत्तर प्रदेशलखनऊ

दिल्ली, पश्चिम बंगाल का मल्लाह,केवट, बिन्द एससी तो बिहार, झारखण्ड, यूपी के क्यों नहीं: मुकेश सहनी

प्रयागराज। विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक व बिहार सरकार के पशुधन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सन् ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आरक्षण नहीं तो गठबंधन नहीं। वर्तमान सरकार यूपी, बिहार, झारखण्ड के मल्लाह,केवट, बिन्द, बेलदार,धीवर, कश्यप,रैकवार, नोनिया,गोड़िया,चाईं, तियर को अनुसूचित जाति का दर्जा व परम्परागत पुश्तैनी पेशेवर निषाद/मछुआ समुदाय के बालू मौरंग खनन,मत्स्य पालन पट्टा का अधिकार दे दे तो हम गठबंधन को पूरी तरह तैयार हैं।हमारा उद्देश्य निषाद समाज को न्याय व अधिकार दिलाना है।

उन्होंने सेंसस 2021 में जातिगत जनगणना, समानुपातिक हिस्सेदारी व प्रतिनिधित्व की मांग को संवैधानिक बताया।कहा निषाद समाज को आरक्षण,सम्मान व पहचान दिलाना हमारा मकसद है।आरक्षण देने की स्थिति भाजपा के हाथ में है।भाजपा चुनाव पूर्व अनुसूचित जाति आरक्षण का शासनादेश जारी करा दी तो बीना शर्त भाजपा का समर्थन करेंगे।सपा,बसपा…के वादे पर तो विश्वास तो किया जा सकता है,भाजपा के वादे पर अब विश्वास नहीं किया जा सकता।

वीआईपी संस्थापक सन् ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी ने कहा कि अनुसूचित जाति में शामिल कराना हमारा मुख्य उद्देश्य है। अभी नहीं तो कभी नहीं कि बात करते हुए कहा कि राज्य व केन्द्र में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बाद भी भाजपा सरकार ने निषाद जातियों को एससी का आरक्षण व परम्परागत पेशा बहाली का शासनादेश व राजपत्र जारी नहीं किया तो फिर वादे पर विश्वास नहीं किया जा सकता। सहनी ने कहा कि मछुआरों के परम्परागत पेशों पर सामन्ती माफियाओं का कब्जा होने से पुश्तैनी पेशेवर जातियां अपने परम्परागत अधिकारों से वंचित हो रही हैं।उन्होंने क्षेत्रीयता समाप्त कर पश्चिम बंगाल, दिल्ली की भाँति उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड के मल्लाह, केवट, बिन्द, नोनिया, बेलदार, माँझी, धीवर को क्यों नहीं?

प्रदेश अध्यक्ष लौटनराम निषाद ने साफ तौर पर कहा-प्रदेश सरकार ने प्रस्ताव भेजकर केन्द्र सरकार से 17 अतिपिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिला दिया या अनुसूचित जाति में शामिल मझवार, तुरैहा, गोंड़ को परिभाषित कराकर निषाद/मछुआ समुदाय की जातियों को अनुसूचित जाति का लाभ दिला दिया तो भाजपा से गठबंधन निश्चित है। वीआईपी प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटनराम निषाद ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली का मल्लाह(धीवर,धीमर,केवट, कश्यप, कहार,झीमर), पश्चिम बंगाल का मल्लाह, केवट, कैवर्ता, जलकेउट, केवटा, बिन्द, तियर, चाईं, जलिया,झालो मालो, महिष्यदास व उड़ीसा का केवटा, कैवर्त, धीवर, तीयर, जलकेउट, मांझी अनुसूचित जाति में तो उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड का मल्लाह, केवट, बिन्द, धीवर, कहार, चाईं, तियर क्यों नहीं? वार्ता के समय वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देवज्योति भी उपस्थित रहे।

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