उत्तर प्रदेशलखनऊ

टिकट पाने की होड़ में बीजेपी नेताओं के बीच छिड़ी जुबानी जंग, क्लिक कर जानें अंदर की बात

भारतीय जनता पार्टी सभी दलों में अनुशासित पार्टी मानी जाती है. इसके कार्यकर्ताओं के बारे में भी कहा जाता है कि इनका चाल चरित्र और चेहरा दूसरे दलों से अलग होता है. लेकिन, यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं की जुबान अपशब्दों में तब्दील हो रही है. कानपुर की एक विधानसभा में टिकट पाने के दावेदारों के बीच जमकर अपशब्द कहे जा रहे हैं.

टिकट के दावेदारों में मची हुई होड़

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं ऐसे में टिकट के दावेदारों में होड़ मची हुई है. भारतीय जनता पार्टी से टिकट पाने को लेकर दावेदार खासे उत्साहित हैं. इस अति उत्साह में हर सियासी दांव भी चला जा रहा है और कोशिश एक दूसरे को नीचा दिखाने की भी है. मामला कानपुर के सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र का है जहां भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रत्याशी और पूर्व प्रदेश मंत्री सुरेश अवस्थी और भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री प्रमोद विश्वकर्मा का एक ऑडियो वायरल हुआ है.

बड़े नेताओं ने साधी चुप्पी 

ऑडियो में सुरेश अवस्थी प्रमोद विश्वकर्मा को अपशब्द कहते हुए, धनबल और बाहुबल के जरिए देख लेने की बात कह रहे हैं. प्रमोद विश्वकर्मा भी सुरेश अवस्थी पर प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के जरिए खुद की अनदेखी किए जाने का आरोप लगा रहे हैं. ऑडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के सभी बड़े नेताओं ने इस पर चुप्पी साध ली है. सुरेश अवस्थी का कहना है कि वायरल ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज उनकी नहीं है.

बीजेपी को बदनाम करने की साजिश 

सुरेश अवस्थी की मानें तो प्रमोद विश्वकर्मा उनके छोटे भाई जैसे हैं और ये ऑडियो विपक्षी दलों ने वायरल किया है. अवस्थी ने कहा कि ये विपक्षियों की साजिश है और वो साजिश कर भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करना चाहते हैं. हालांकि इस मामले में प्रमोद विश्वकर्मा कुछ भी बोलने से बच रहे हैं लेकिन सवाल प्रमोद विश्वकर्मा पर भी उठ रहे हैं कि सियासी फायदे के लिए प्रमोद विश्वकर्मा ने इस ऑडियो को वायरल कराया है.

ये है अंदर की बात 

दरअसल, बुधवार को सीसामऊ विधानसभा में प्रबुद्ध वर्ग समेलन कराया गया था जिसमें कानून मंत्री बृजेश पाठक ने शिरकत की थी और इस कार्यक्रम से प्रमोद विश्वकर्मा का गुट किनारे दिखा. अंदर की बात ये है कि जब सुरेश अवस्थी को प्रमोद विश्वकर्मा द्वारा उनकी होर्डिंग साजिश के तहत हटाए जाने की बात पता चली तो आवेश में आकर सुरेश ने प्रमोद को कॉल कर दिया, उसी वक्त का ये ऑडियो बताया जा रहा है.

2017 में सुरेश अवस्थी हार गए थे चुनाव

साल 2017 में सुरेश अवस्थी सीसामऊ विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से चुनाव लड़े थे और 5000 से कुछ ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा था लेकिन इस बार प्रमोद विश्वकर्मा भी सीसामऊ विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. वायरल ऑडियो को इन दोनों के बीच टिकट की खींचतान का नतीजा बताया जा रहा है. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी में टिकटों की मारामारी की शुरुआत अभी से हो चुकी है जो समय बीतते-बीतते और ज्यादा परेशानी का सबब पार्टी आलाकमान के लिए बनेगा.

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