उत्तर प्रदेशकानपुरताज़ा ख़बर

चौबेपुर थाने में तैनात तीन पुलिसकर्मी निलंबित, शहीद की बेटी बोली- मैं बनूंगी पुलिस अधिकारी

कानपुर। कानपुर एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। कुख्यात अपराधी विकास दुबे के घर के बाहर हुई मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने की घटना के बाद ड्यूटी में ढिलायी बरतने के आरोप में तीन और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी. ने बताया कि निलंबित होने वालों में उप निरीक्षक कुंवरपाल, कृष्ण कुमार शर्मा और कांस्टेबल राजीव हैं। निलंबित होने वाले तीनों पुलिसकर्मी चौबेपुर थाने में तैनात थे। तीनों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा और अगर जांच के दौरान उनकी भूमिका या साजिश सामने आई तो उनके खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि तीनों पुलिसकर्मी चौबेपुर के थाना प्रभारी विनय तिवारी के साथ विकास दुबे के घर बुधवार को गए थे।

स्थानीय कारोबारी राहुल तिवारी की शिकायत पर पुलिस वहां दबिश देने गई थी। राहुल को विकास दुबे ने पुलिस की मौजूदगी में पीटा था। जब तिवारी ने बीच बचाव की कोशिश की तो दुबे ने कथित रूप से उनका मोबाइल छीनकर उनके साथ भी बदसलूकी की थी। उसके बाद दोनों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की भी हुई थी। इस मामले के बाद पुलिस टीम वापस लौट आई थी। मुठभेड़ की वारदात के बाद विनय तिवारी को निलंबित कर दिया गया है।

गौरतलब है कि, बृहस्पतिवार देर रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव निवासी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था जिसमें एक क्षेत्राधिकारी समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक घायल हुए हैं। घटना के बाद से पुलिस को दुबे का कोई सुराग नहीं मिला है। बता दें कि, कानपुर के बिकरू गांव में हुई मुठभेड़ में पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी देवेंद्र मिश्रा भी शामिल थे। रविवार को बेटियों ने उनकी अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया।

अब शहीद देवेंद्र मिश्रा की बेटी वैष्णवी मिश्रा ने पुलिस फोर्स ज्वाइन करने की बात कही है।वैष्णवी ने कहा कि वह अपने पिता का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगी। पुलिस अधिकारी बनकर अपने पिता की तरह देश की सेवा करेंगी। वैष्णवी ने कहा, ‘मैं मेडिकल की परीक्षा की तैयारी कर रही थी, लेकिन अब मैं पुलिस अधिकारी बनूंगी और अपने पिता की तरह देश की सेवा करूंगी।’ वैष्णवी ने कहा कि वह विकास दुबे जैसे अपराधियों को वहीं भेजेगी, जहां उनकी असली जगह है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button