उत्तर प्रदेशलखनऊ

गांधी की विचारधारा से ही किया जा सकता है गोडसे की सोच का मुकाबला: कांग्रेस

कांग्रेस ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर लोकतंत्र  के सभी स्तंभों को कमजोर बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. आज रविवार को कहा कि गोडसे की विचारधारा को गांधी जी के उसूल अपनाकर ही हराया जा सकता है. यूपी कांग्रेस के मीडिया एवं संचार विभाग के संयोजक ललन कुमार ने यहां मीडिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र के सभी स्तंभों को मजबूत करने के लिए हमेशा पूरी तत्परता से काम किया है. लेकिन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इसके ठीक उलट काम कर रही है.

दरअसल, लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश गोडसे की विचारधारा है, जिसका मुकाबला महात्मा गांधी की समावेशी और अहिंसा की विचारधारा से ही किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और कांग्रेस ने इसे मजबूत बनाने के लिए बुनियादी काम किए हैं. पत्रकारों को उनकी मेहनत और समर्पण का पूरा मेहनताना मिले, इसके लिए ज्यादातर वेज बोर्ड का गठन भी कांग्रेस की सरकारों में ही हुआ है. इसके साथ ही पत्रकारों के लिए साल 2007 में जो मजीठिया वेतन बोर्ड का गठन हुआ वह भी कांग्रेस के ही शासन काल में हुआ था. बीते मई 2007 में इस वेतन बोर्ड का गठन किया गया था और 11 नवंबर 2011 को इस बोर्ड की सिफारिशों को केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ही मंजूर किया था.

‘पत्रकारों के लिए वेतन बोर्ड गठित करने की जरूरत’

गौरतलब हैं कि आज लगभग 12 साल हो गए और वर्तमान समय में जिस तरह से महंगाई बढ़ी है और जीवन की अन्य जरूरतों में वृद्धि हुई है. ऐसे में पत्रकारों के लिए एक और वेतन बोर्ड गठित करने की आवश्यकता है. मुझे नहीं लगता कि जिस तरह से वर्तमान सरकार का काम करने का तरीका है. उसमें ऐसा कुछ हो सकेगा. लेकिन मुझे इतना विश्वास है कि केंद्र में अगली बार जब कांग्रेस की सरकार आएगी. तब वह हमेशा की तरह पत्रकारों पर ध्यान देगी और उन्हें उनका वाजिब हक दिलाएगी.

‘PTI मुश्किल समय में भी निभा रही ईमानदारी’

बता दें कि ‘ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ पीटीआई एम्पलाइज यूनियन’ की बैठक को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि पीटीआई ने हमेशा पत्रकारिता के मूल्यों को न केवल संरक्षित किया, बल्कि उन्हें और मजबूत भी किया है. जिन उद्देश्यों के साथ पीटीआई की स्थापना की गई थी उन्हें वह आज के मुश्किल समय में भी पूरी ईमानदारी और तत्परता से निभा रही है.

(इनपुट- भाषा)

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