अयोध्याउत्तर प्रदेश

आप के तिरंगा यात्रा पर बीजेपी और संतों का तंज, कहा- कालनेमि का रूप धरके ‘रामभक्तों’ को आए हैं छलने

अयोध्याः मंगलवार की दोपहर बाद आम आदमी पार्टी ने अयोध्या में तिरंगा यात्रा निकाली. जिसपर बीजेपी से लेकर संतों तक ने तंज कसे हैं. तिरंगा यात्रा की अगुवाई दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने किया. तिरंगा यात्रा में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और आप के प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह सहित करीब 10,000 से अधिक आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हुए. शहर के गुलाब बाड़ी मैदान से निकलकर प्रमुख मार्गों से होती हुई तिरंगा यात्रा सिविल लाइन स्थित गांधी पार्क गई. तिरंगा यात्रा को लेकर कानून मंत्री बृजेश पाठक ने तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि ये वे लोग हैं, जो पहले भगवान राम का और अयोध्या का नाम लेने से कतराते थे. क्यों कि इनका वोट बैंक खिसकने का डर था.

आपकी इस तिरंगा यात्रा में खुले ट्रक पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया तिरंगा लहराते नजर आए. वहीं सांसद संजय सिंह हाथ में माइक लेकर भारत माता की जय और केजरीवाल सरकार जिंदाबाद के नारे लगाते रहे. लाउडस्पीकर के माध्यम से तिरंगा यात्रा के दौरान दिल्ली सरकार की उपलब्धियां भी बताई गईं और केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना भी साधा गया.

वहीं इस तिरंगा यात्रा को लेकर योगी सरकार के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि ये वे लोग हैं जो पहले भगवान राम का और अयोध्या का नाम लेने से कतराते थे. क्योंकि इन्हें इनका वोट बैंक खिसक जाने का डर था. यह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रभाव है कि आज बीजेपी की सरकार आने के साथ ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है. आज इन लोगों को भगवान राम की याद आ गई है. ऐसे लोग सिर्फ राम के नाम का प्रयोग चुनाव में वोट पाने के लिए कर रहे हैं. बाकी राम भक्तों पर गोलियां किसने चलवाई थीं. भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल किसने उठाया था, यह देश की जनता जानती है.

वहीं तिरंगा यात्रा पर चुटकी लेते हुए हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने भी बड़ा बयान दिया है. महंत राजू दास ने आप सांसद संजय सिंह और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया सहित आम आदमी पार्टी को कालनेमि का नाम दिया है. महंत राजू दास ने कहा कि यह लोग कालनेमि का रूप धर के राम भक्तों को छलने आए हैं. इन्हें राम से कोई मतलब नहीं है. इन्हें सिर्फ राजनीति करनी है, इसलिए आज इन्हें राम याद आ रहे हैं. रही बात रामलला पर अधिकार का तो रामलला सबके हैं, हर कोई दर्शन कर सकता है.

लेकिन यह रामलला के दर्शन करने नहीं आए, बल्कि यह मजबूरी में अयोध्या आये हैं. क्योंकि इन्हें वोट की राजनीति करनी है. तिरंगा यात्रा पर अपना बयान देते हुए महंत राजू दास ने कहा कि तिरंगा यात्रा निकालना सराहनीय कदम है. लेकिन मेरा सवाल है कि जब जम्मू-कश्मीर में तिरंगे का अपमान होता है. सैनिकों पर गोलियां चलाई जाती हैं तब यह लोग आवाज क्यों नहीं उठाते. तिरंगे की शान में एक शब्द उनके मुंह से क्यों नहीं निकलता. ऐसे लोगों से समाज को सावधान रहने की जरूरत है.

प्रदेश के कई जिलों में अनुमति न मिलने के चलते विवादों में रही तिरंगा यात्रा को अयोध्या में भरपूर जनता का समर्थन मिला. कई जिलों से बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता अयोध्या पहुंचे थे. हाथों में तिरंगा लिए कई हजार आप कार्यकर्ता मंगलवार की दोपहर अयोध्या की सड़कों पर नजर आए. इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित रही. वहीं कोविड प्रोटोकाल का भी जमकर उल्लंघन किया गया.

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