धर्म-आस्था

शुरू हुई जन्माष्टमी की तैयारियां, दुल्हन की तरह सजाया जा रहा बांके बिहारी का मंदिर

देश में बांकेबिहारी का जन्म बहुत ही धुमधाम से मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की परंमपरा देश में हजारों सालों से चलती आ रही है। इस दिन हर कोई खुश होता है मानो जैसे उनके अपने घर में बांतेबिहारी का जन्म हुआ हो। इसी प्राचीन पंरमपरा को देखते हुए बांकेबिहारी मंदिरों में तैयारियां जोरो शोरो से शुरू हो गई है। मंदिरों को भव्य तरीके से सजाने का काम शुरू हो गया है। इतना ही नहीं बांकेबिहारी के अभिषेक के लिए दुध, दही और बुरे की बुंकिंग शुरू हो गई है। कहते हैं कि श्रीकृष्ण को दही बहुत पसंद था। इसीलिए जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान कृष्ण को दुध और दही से अभिषेक कराया जाता है।

बता दें कि 30 अगस्त को अनुष्ठानों के जरिए रात 12 बजे बांकेबिहारी का महाअभिषेक और रात 2 बजे साल में एक बार होने वाली आरती के दर्शन होंगे। इसके बाद 31 अगस्त को भक्त उनके दर्शन कर सकेंगे। भगवान कृष्ण पालने में बैठकर अपने भक्तों को दर्शन देंगे। इसके बाद बांकेबिहारी मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो जाएगी।

वहीं कहा जाता है कि जन्माष्टमी के दिन भक्त भगवान कृष्ण को अपने सामने महसूस करते हैं। इस दिन हर कोई नए कपड़े पहनता है। इस दिन बांकेबिहारी मंदिर जाकर पूजा करने के बाद भगवान कृष्ण को झूला झूलाने की पंरमपरा है। ऐसा करने से भक्तों को आनंन प्राप्त होता है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म तो मथुरा में हुआ था लेकिन जन्माष्टमी पूरे देश में बहुत ही धुमधाम से मनाई जाती है।

वहीं आपको ये भी बता दें कि पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना का खतरा जन्माष्टमी पर बना हुआ है। जिसको लेकर नगर निगम और प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में जुट गया है। प्रशासन किसी भी तरह की कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। सड़कों पर खड़े खंभों पर लाइटे लगाने का काम शुरू हो गया। बाकेबिहारी के जन्म पर लाखों की संख्या में लोग जन्माष्टमी मनाने मथुरा आते हैं। इस साल भी लोगों की भारी भीड़ आने का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की इच्छा है कि जन्माष्टमी शांति पूर्वक संपन्न हो।

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