ओपिनियनसंपादक की पसंद

आखिर एक भव्य मंदिर बनाने में कितना पैसा खर्च होगा?

नरेश दीक्षित


  • 10 करोड़ ? 20 करोड़? 50 करोड़? 100 करोड़ ? लगभग 100 करोड़ के खर्च में एक भव्य मंदिर आसानी से तैयार हो सकता है।
  • आप जानते हैं राम चन्दा गैंग द्वारा कितनी रकम जुटाने का लक्ष्य है…… यह लक्ष्य है लगभग 5 हजार करोड़ का है, क्या करेंगे इतनी रकम का ? यह पूछेंगे तो कोई जवाब नही मिलेगा ! कितने स्कूल बनवाएगे?, कितने अस्पताल बनवाएंगे? कुछ नही बतायेंगे!
आप को जानकर आश्चर्य होगा कि भूमि पूजन से पहले तक अयोध्या के राम मंदिर के लिए 41 करोड़ रुपये का चंदा आ चुका था जिसमे कथावाचक मोरारी बापू की भागीदारी 11 करोड़ रुपये की है तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट के साथ ही, कई अन्य धार्मिक संस्थाएं भी राम मंदिर के लिए आर्थिक सहयोग कर रही है महावीर मंदिर पटना की ओर से दो करोड़ रुपये दिए भी जा चुके हैं। शिवसेना के ओर से भी पांच करोड़ रुपये का आर्थिक सहयोग देने की बात की गई है, यानी अब तक 100 करोड़ रुपये तो आसानी से इकठ्ठे हो गए होंगे ? लेकिन उसके बावजूद पूरे देश में दरवाजे दरवाजे खटखटाकर 10 करोड़ परिवारों से अयोध्या के भव्य मंदिर के लिए चंदा मांगा जा रहा है …..क्यो भाई ? किसलिए?
आपको याद होगा कि 1989 में भी इसी तरह से विश्व हिन्दू परिषद की ओर से पूरे देश भर में अभियान चलाकर ऐसे ही चन्दा मांगा गया था, वो चन्दा कहा गया ? आश्चर्य की बात है कि इस बार भी मंदिर के निर्माण के लिए धन एकत्र करने का काम विश्व हिन्दू परिषद को ही सौपा गया है इस संदर्भ में खोजबीन करने पर यह पता चला कि वर्ष 1990 में विश्व हिंदू परिषद ने प्रेस नोट जारी कर बताया था कि 1989 में मंदिर आंदोलन के लिए 8.29 करोड़ रुपये का चंदा मिला था। उस दौरान देश भर में गांवों से मंदिर निर्माण के लिए शिलाएं और चंदा एकत्र किया गया था। इस चंदे में से 1 करोड़ 29 लाख खर्च कर दिए गए थे।
2015 में हिंदू संगठन अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने वीएचपी (विश्व हिंदू परिषद) और इसकी सहयोगी इकाइयों पर राम मंदिर के नाम पर मिले चंदे को हड़पने का आरोप लगाया था … निर्मोही अखाड़े ने भी जिन्होंने राम जन्म भूमि का केस इतने सालों तक लड़ा उन्होंने भी विहिप पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा था कि विश्व हिन्दू परिषद ने राम मंदिर के नाम पर 1400 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। निर्मोही अखाड़े के संत सीताराम ने कहा था कि विहिप ने राम मंदिर निर्माण के नाम पर घर-घर जाकर ईंट मांगी और पैसा जुटाया। अब तक करीब 1400 करोड़ रुपये जुटाकर संगठन के नेता डकार गए।
असलियत हम सब जानते हैं कि उस वक्त यह जो बता रहे हैं उससे कई गुना ज्यादा चन्दा आया था विश्‍व हिंदू परिषद को उस वक्त हर ओर से भरपूर चंदा मिलब्रिटेन और अमेरिका ओर विदेशों में बसे NRI ने उस वक्त विहिप को भरपूर चन्दा दिया था अब वही रणनीति अपनाकर देश भर से चंदा वसूली अभियान शुरू कर दिया गया है?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button