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NCC ने बनाई पूर्व छात्र संघ बनाने की योजना, पीएम मोदी-राजनाथ सिंह और स्मृति ईरानी हो सकते हैं सदस्य

नेशनल कैडेट कोर्प्स (National Cadet Corps) अपने पूर्व छात्रों का संघ बनाने की योजना बना रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी शामिल होंगे. यह कहना NCC के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल तरुण कुमार आइच का है. उन्होंने शनिवार को कहा कि हम चाहते हैं कि ये शख्सियतें एनसीसी कैडेट्स के संपर्क में रहें एनसीसी के उद्देश्य के लिये उन्हें प्रेरित करें.

तरुण कुमार आइच कर्नाटक और गोवा एनसीसी निदेशालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करने और कैडेट्स को डीजी एनसीसी प्रशस्ति पत्र प्रदान करने के लिए बेंगलुरु आए थे. लेफ्टिनेंट जनरल आइच ने कहा कि एक पूर्व छात्र संघ स्थापित करने के पीछे उनका मार्गदर्शन, मदद और कई पहलों को आगे बढ़ाना है.

\उन्होंने कहा कि वह नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एनसीसी को पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में देखना चाहते हैं क्योंकि युवाओं में इससे जुड़ने का क्रेज है. एनसीसी के डीजी ने कहा, ‘युवाओं में एनसीसी का हिस्सा बनने की तीव्र इच्छा है और वे चाहते हैं कि एनसीसी पाठ्यक्रम का हिस्सा हो. अगर ऐसा होता है तो एनसीसी को वह महत्व मिलेगा, जो उसे अभी तक नहीं मिला है.’

5000 कॉलेज में NCC को एक विषय के रूप में शामिल किया गया

उनके अनुसार, एनसीसी को एक एक्स्ट्राकरीकुलर एक्टिविटीज के रूप में देखा जाता था, लेकिन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और विभिन्न अन्य शिक्षा निकायों द्वारा जारी परिपत्रों के अनुसार, एनसीसी को एक सामान्य वैकल्पिक विषय के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए. लेफ्टिनेंट जनरल आइच ने कहा कि ऐसे 5,000 कॉलेज हैं जहां एनसीसी को एक विषय के रूप में शामिल किया गया है, लेकिन उनमें से केवल 2,100 कॉलेजों ने ही इसे सामान्य वैकल्पिक विषय के रूप में स्वीकार किया है.

एनसीसी के पास 15 लाख युवा

उन्होंने कहा, ‘हालांकि, डीजी एनसीसी और एनसीसी फ्रेटरनिटी समग्र रूप से चाहते हैं कि बाकी कॉलेज भी एनसीसी को एक सामान्य वैकल्पिक पाठ्यक्रम के रूप में अपनाएं.’ संगठन के बारे में बताते हुए लेफ्टिनेंट जनरल आइच ने कहा कि एनसीसी के पास 15 लाख लोग है. उसकी ताकत का विस्तार करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जूनियर और सीनियर दोनों डिवीजनों के लिए पूरी तरह से स्व-वित्तपोषण योजना शुरू की है. सेना के शीर्ष अधिकारी ने कहा कि पूरी तरह से स्व-वित्तपोषण योजना बहुत लोकप्रिय हो गई है और कई कॉलेजों ने इसे स्वीकार कर लिया है. उन्होंने स्कूलों से एनसीसी के जूनियर डिवीजन को स्वीकार करने की अपील की, जिसे तीन महीने पहले शुरू किया गया. उन्होंने कहा कि कुछ वित्तीय निहितार्थ हैं.

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