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लंदन यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर इंजीनियर की पढ़ाई कर भारत में बन गया साइबर फ्रॉड, इस तरह करता था ठगी

मुंबई: मुंबई साइबर पुलिस ने 32 वर्षीय आशीष अहीर नाम के शख्स को 22 हजार से ज्यादा महिलाओं के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है. पुलिस की माने तो पेशे के कंप्यूटर इंजीनियर आशीष ने महिलाओं के कपड़े ऑनलाइन बेचने के लिए एक वेबसाइट बनाई थी और इस वेबसाइट पर कई प्रकार के महंगे कपड़ों को सस्ते में बेचने के नाम पर महिलाओं से ठगी करता था.
मुंबई साइबर सेल की डीसीपी रश्मि करंदीकर ने बताया कि उनके पास एक महिला की शिकायत आई थी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई और फिर सूरत से आशीष को गिरफ्तार किया. पूछताछ में पता चला कि लंदन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर सूरत में करोड़ों की कपड़े का व्यापार करने वाले आशीष को लोकडाउन के दरमियान काफी नुकसान हुआ जिस वजह से अपने ऊपर के कर्जे को चुकाने के लिए इसने गलत रास्ता चुना और लगभग 22 हजार से ज्यादा महिलाओं को महंगे कपड़े सस्ते में बेचने के नाम पर लाखों की ठगी की.
जब विस्तार से आरोपी के साथ पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि आशीष के पिता का सूरत में कपड़े का कारखाना है. उसके पिता ने उसे अच्छी शिक्षा मिले इस वजह से लंदन की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के लिए भेजा. आशीष ने वहां से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और 2016 के शुरुआत में भारत आ गया.
सूरत में उसने अपने पिता का बिजनेस संभाला और फिर आगे चलकर अपने एक रिस्तेदार के साथ मिलकर एक दूसरा कपड़े का बिजनेस शुरू किया. आशीष इतना कर्मठी था कि उसने अपने नए बिजनेस को 2 लाख रुपये से शुरू किया और उस बिजनेस से करोड़ों रुपये कमाए. नवंबर 2016 में नोटबंदी और फिर जुलाई 2017 में जीएसटी आने के बाद से ही उसे बिजनेस में नुकसान होना शुरू हो गया, जिसके बाद उसने किसी तरह से अपने आपको किसी तरह से संभाला और मार्केट से लगभग 3 करोड़ रुपये उधार लिए.
आशीष को बिजनेस में फिर भी किसी तरह की राहत नहीं मिल पा रही थी और वह दिए समय पर उधार चुका नहीं पाया और फिर उसने वेब पेज डिज़ाइन करना शुरू किया, जिसकी पढ़ाई उसने लंदन से की थी. साल 2020 में लॉकडाउन की वजह से उसके कपड़े और वेब पेज के बिजनेस में नुकसान में और भी इजाफा हो गया. पुलिस सूत्रों की माने तो उसने “Shopiiee.com” नाम की वेबसाइट बनाकर अपने एक ग्राहक को बेची थी. पर उस ग्राहक को भी उस वेबसाइट से मुनाफा नहीं हुआ तो आशीष ने उससे उस वेबसाइट को ले लिया और फिर उस वेबसाइट का इस्तेमाल कर लोगों को ठगना शुरू कर दिया.
हमें हमारी पसंद के एडवरटाइजमेंट कैसे दिखते हैं और हमें कैसे सतर्क रहना चाहिए
करंदीकर ने बताया कि हम जिस भी चीज़ को गूगल पर ढूंढते हैं, वही चीज़ हमें हमारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाई देती है. इन सब में कई बार हम फर्जी वेबसाइट्स पर भी विश्वास कर लेते हैं और ठगे जाते हैं. ऐसी किसी भी वेबसाइट पर ऐसे ही विश्वास नहीं करना चाहिए. हमें पहले उस वेबसाइट पर लोगों के रिव्यू पढ़ने चाहिए, जिसके बाद आपको यह अंदाज मिल जाएगा कि इसपर कितना विश्वास किया जा सकता है. जांच के दौरान हमें और कई फर्जी वेबसाइट्स की लिस्ट मिली है, जिसकी जांच हम कर रहे हैं.
साउथ मुंबई में रहने वाली ईशा कश्मीरी ने बातचीत में कहा कि लॉकडाउन के समय सारी दुकाने बंद थीं और फेसबुक पर उन्हें इस वेबसाइट की एडवरटाइजमेंट दिखाई दी, जिसपर कई महंगे और अच्छे ब्रांड के कपड़े काफी सस्ते में बेचे जा रहे थे. इन ऑफर्स को देखकर उन्होंने ऑर्डर कर दिया पर उन्हें कभी कपड़े मिले ही नहीं. उन्होंने कहा, “इसके बाद जब मैंने उस वेबसाइट पर लोगों के रिव्यू पढ़ना शुरू किया तो पता चला कि ये एक फर्जी वेबसाइट है और उसने कई लोगों को ठगा है. इसके बाद मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज की.

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