ताज़ा ख़बरदेश

अब चीन को आर्थिक झटका देने की बारी, भारत ने कर ली पूरी तैयारी

गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प के बाद 20 जवानों के शहीद हो जाने के कारण भारत और चीन के रिश्तो में तल्खी आ गई है। भारत में चीन को लेकर हर तरफ रोष है। सरकार भी चीन की घेराबंदी कर रही है। भारत सरकार ने कूटनीति और वैश्विक स्तर पर चीन को घेरने की तैयारी की है। इसके अलावा एक के बाद एक भारत चीन को आर्थिक झटका दे रहा है। भारत सरकार ने चीन के 59 ऐप पर पाबंदी लगा दी है। इसके अलावा बिजली विभाग हो या फिर टेलीकॉम विभाग, सभी विभागों में चीन की कंपनियों को जारी किए गए टेंडर को रद्द कर दिए गए है। गलवान घाटी में इस तनाव के बाद चीन को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इन सबके बीच भारत ने चीन को एक और बड़ा झटका देने की तैयारी कर ली है। दरअसल चीन से वस्तुओं के आयात को कम करने के साथ ही हांगकांग, सिंगापुर, मलेशिया और थाईलैंड जैसे देशों से आने वाले चीनी सामानों पर भी भारत नकेल कसेगा। एक सूत्र ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने कॉमर्स मंत्रालय से संपर्क कर इन देशों से आने वाले चीजों की लिस्ट बनाने को कहा है। यानी कि साफ तौर पर इससे यह समझ में आ रहा है कि भारत उन देशों में बनी चीनी वस्तुओं को कतई नहीं खरीदेगा और ना ही इन देशों के रास्ते चीन में बने चीज जो बाजार में आएंगे, उन्हें भी खरीदा जाएगा।

चीन के साथ बनते-बिगड़ते रिश्तों के बीच समय-समय पर यह मांग उठती रही है कि वहां से आयात को कम किया जाना चाहिए। कोरोना संकट के कारण चीन फिलहाल विश्व में अलग-थलग पड़ा हुआ है। सरकार इस संकट को चीन छोड़ रहे कंपनियों को भारत में स्थापित करने में भुनाने की कोशिश कर रही है। गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास अपने चरम पर है। ऐसे में भारत आत्मनिर्भर बनने के साथ ही चीन से होने वाली आयत को कम करना चाहता है।

हां, अगर चीन से आयात होने वाली चीजें देश में उपलब्ध नहीं है तो किसी अन्य देश से जरूर आयात किया जाएगा बशर्ते यह चीजें उस देश में ही बनी हो। जिन देशों के रास्ते चीन की सामान को भारत लाए जाते है उसे या तो बैन किया जा सकता है या फिर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई जा सकती है। व्यापार संगठनों ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि चीन का काफी माल हांगकांग, सिंगापुर और मलेशिया के रास्ते भारत में आता है।

आपको बता दें कि चीन के लिए भारत एक बड़ा बाजार है। दोनों देशों के बीच तनाव के चलते भारत अन्य देशों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है। वहीं चीन भारत में अपने बाजार को जारी रखने के लिए हांगकांग, सिंगापुर या अन्य देशों का सहारा ले सकता है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इन देशों में या तो भारतीयों की संख्या काफी ज्यादा है या फिर यहां से भी वस्तुएं भारत में मंगाई जाती हैय़ फिलहाल सरकार इन देशों से चीनी सामान के आयात पर रोक लगाने के नीति पर काम कर रही है। अब देखना यह होगा कि आखिर इस नीति पर कितना अमल हो पाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button