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जम्मू कश्मीरः पुंछ में एक जेसीओ और एक जवान का शव बरामद, अब तक 9 जवान हो चुके शहीद

जम्मू कश्मीर में सेना के 9 जवानों की हत्या करने में शामिल आतंकवादियों का पता लगाने के लिए पुंछ और राजौरी जिलों के वन्य क्षेत्रों में चलाया जा रहा सघन तलाशी अभियान शनिवार को छठे दिन भी जारी रहा है. अधिकारियों ने बताया कि सेना और पुलिस के संयुक्त तलाश दल ने पुंछ के मेंढर इलाके में जैसे ही अभियान फिर से शुरू किया तो गोलियां चलने की आवाज सुनी गई.

बताया गया है कि भारतीय सेना के सूबेदार अजय सिंह और नायक हरेंद्र सिंह भी शहीद हो गए हैं. शनिवार को मेंढर क्षेत्र में उनके शव मिले हैं. सूबेदार अजय सिंह और नायक हरेंद्र सिंह वन क्षेत्र में छिपे आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से शुरू किए गए तलाशी अभियान का हिस्सा थे. 14 अक्टूबर से दोनों जवानों से संपर्क नहीं हो पा रहा था.

अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका पर्वतीय है और जंगल घना है जिससे अभियान मुश्किल और खतरनाक हो गया है. मेंढर का एक बड़ा वन्य क्षेत्र गुरुवार से कड़ी सुरक्षा घेराबंदी में है जब राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी और योगंबर सिंह नार खास वन में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए. दोनों जवान उत्तराखंड के थे. इससे पहले 11 अक्टूबर को एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) समेत सेना के पांच जवान शहीद हो गए.

पुंछ क्षेत्रों में इस साल जून के बाद से घुसपैठ की कोशिशें बढ़ीं

अधिकारियों ने बताया कि मेंढर से थानामंडी तक के पूरे वन क्षेत्र की कड़ी घेराबंदी कर दी गई है और आतंकवादियों का पता लगाने के लिए व्यापक तलाश अभियान चलाया गया है. आतंकवादी घेराबंदी से बचने की कोशिश में एक जगह से दूसरी जगह जा रहे हैं. राजौरी-पुंछ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक विवेक गुप्ता ने मंगलवार को बताया था कि पुंछ में सुरक्षाबलों पर हमले में शामिल आतंकवादी पिछले दो से तीन महीनों से इलाके में मौजूद थे.

जम्मू क्षेत्र के राजौरी और पुंछ क्षेत्रों में इस साल जून के बाद से घुसपैठ की कोशिशें बढ़ गई है. अलग-अलग मुठभेड़ों में नौ आतंकवादी मारे जा चुके हैं. इस बीच, एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि राइफलमैन नेगी और सिंह के पार्थिव शरीर शनिवार सुबह विमान से उत्तराखंड ले जाए गए. हवाईअड्डे से जवानों का पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से उनके गृह नगर ले जाए गए हैं.

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