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उपचुनावों में कांग्रेस को 6 राज्यों में मिली हार पर होगा ‘मंथन’! पार्टी ने प्रभारियों से मांगी रिपोर्ट, कहा- बताएं जीत और हार के कारण

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस एक भी मौका गंवाना नहीं चाहती और यही कारण है कि हाल में हुए उपचुनावों पर मंथन के लिए राज्यों के प्रभारियों से चुनाव के नतीजों पर रिपोर्ट मांगी है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस इन उपचुनावों में मिली जीत के कारणों को आगामी चुनावों में भी अपनाएगी. वहीं, हार के कारणों पर विचार किया जाएगा. तीन लोकसभा और 29 विधानसभा उपचुनावों के नतीजों के बाद कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को सभी चुनावी राज्यों के प्रभारी और प्रदेश अध्यक्षों से पार्टी की जीत और हार के कारणों की रिपोर्ट मांगी. बीते 30 अक्टूबर को 13 राज्यों में उपचुनाव हुए थे, जिसके नतीजे 2 नवंबर को घोषित किए गए थे.

पार्टी ने 8 बिंदुओं पर समीक्षा रिपोर्ट मांगी जिसमें…

  1. उपचुनाव के कारण
  2. उम्मीदवारों का चयन
  3. अभियान और रणनीति
  4. गठबंधन का प्रभाव
  5. अन्य विपक्षी दलों का प्रभाव
  6. उपचुनाव के परिणाम का उस राज्य की राजनीति पर प्रभाव
  7. कांग्रेस के चुनाव परिणामों की समीक्षा
  8. चुनाव परिणामों के लिए कोई अन्य कारण (यदि कोई हो), शामिल है.

हाल के उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने बड़ा झटका देते हुए एक लोकसभा सीट और तीन विधानसभा सीटों सहित सभी सीटों पर दमदार जीत हासिल की.

कई राज्यों में कांग्रेस का खराब प्रदर्शन

कांग्रेस ने राजस्थान के उपचुनाव में भी धमाकेदार प्रदर्शन किया, यहां धारियावाड़ और वल्लभनगर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में जीत हासिल की. इसके अलावा कांग्रेस ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में एक-एक विधानसभा पर जीत दर्ज की. कर्नाटक में जहां भाजपा की सरकार है, कांग्रेस ने हंगल विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की, यह जीत इसलिए भी खास हो जाती है क्योंकि इसे मुख्यमंत्री का गढ़ माना जाता है.

इस बीच, असम, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, बिहार, मेघालय और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा. असम में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई, वहीं तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भी बुरी तरह हार गई. दूसरी ओर, भाजपा ने इन राज्यों में काफी बेहतर प्रदर्शन किया.

बिहार में विपक्षी एकता दांव पर थी, क्योंकि कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने पहले गठबंधन में चुनाव लड़ा था, उपचुनाव अलग-अलग लड़े थे. इधर, उपचुनाव में जाने वाली दोनों सीटों पर सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) ने जीत हासिल की. नतीजों के बाद, राजद ने गठबंधन के सिद्धांतों को तोड़ने के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया.

कैसा रहा बीजेपी और कांग्रेस के लिए उपचुनाव?

2 नवंबर को घोषित हुए उपचुनाव के परिणामों में बीजेपी गठबंधन ने 29 में 15 सीटों पर जीत हासिल की. वहीं, कांग्रेस के खाते में 8 सीटें गई. ममता बनर्जी की टीएमसी को पश्चिम बंगाल की सभी 4 सीटों पर जीत मिली. वहीं, आंध्र प्रदेश की एक सीट वाईएसआरसीपी और हरियाणा की एक सीट इनेलो के खाते में गई. बीजेपी गठबंधन में शामिल सीटों में असम की 5, बिहार की 2, मध्य प्रदेश की 2, मेघालय की 3 और तेलंगाना, कर्नाटक, मिजोरम व मेघालय की 1-1 सीट शामिल है. वहीं कांग्रेस को हिमाचल की 3, राजस्थान की 2 और महाराष्ट्र, कर्नाटक व मध्य प्रदेश की 1-1 सीट पर जीत प्राप्त हुई है. इन सीटों पर 29 अक्टूबर को मतदान हुए थे.

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