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अमेरिका ने कार पर हमला कर एक ही परिवार के 9 लोग मारे, पहले मानी गलती, अब कहा- ये लापरवाही नहीं थी

अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन की एक स्वतंत्र समीक्षा में पाया गया है कि अफगानिस्तान में जंग के अंतिम दिनों में काबुल में अमेरिकी ड्रोन हमले में बेगुनाह नागरिकों और बच्चों की मौत का कारण कोई कदाचार या लापरवाही नहीं थी और इसलिए उसने किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश नहीं की है (Pentagon on Kabul Attack). एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि वायु सेना के लेफ्टिनेंट जनरल सैमी सेड द्वारा की गई समीक्षा में संचार और लक्ष्य की पहचान करने और पुष्टि करने में गड़बड़ी की बात कही गई है.

अधिकारी के मुताबिक, नागरिकों की मौतों को रोकने के लिए विवेकपूर्ण उपायों के बावजूद हमला गलती से हो गया था (Pentagon Report). बहरहाल, उनकी रिपोर्ट अभी जारी नहीं की गई है. सेड को 29 अगस्त को एक कार पर ड्रोन से हमला किए जाने के मामले की जांच के लिए कहा गया था. इस कार में जेमरई अमहदी और सात बच्चों सहित उनके परिवार के नौ सदस्य सवार थे. हमले में सभी की मौत हो गई थी (Pentagon on Kabul Car Attack). अहमदी (37) अमेरिका के एक मानवीय सहायता संगठन के लिए लंबे वक्त से काम कर रहे थे.

पहले मुआवजा देने की बात की थी

इससे पहले अमेरिका के रक्षा विभाग ने कहा था कि वह अफगानिस्तान के काबुल में अगस्त में एक ड्रोन हमले में मारे गए लोगों के रिश्तेदारों को मुआवजा देने के लिए प्रतिबद्ध है. पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने एक बयान में कहा था कि रक्षा विभाग अमेरिका लाए गए अफगानों के जीवित बचे परिजनों की मदद के लिए विदेश विभाग के साथ भी काम कर रहा है (US Attack in Afghanistan). किर्बी ने कहा था कि नीतिगत विषयों के लिए अवर रक्षा सचिव डॉ कोलिन कहल और गैर-लाभकारी संगठन ‘न्यूट्रीशन एंड एजुकेशन इंटरनेशनल’ के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ स्टीवन क्वोन की बैठक में यह विषय आया था. किर्बी ने कहा, ‘डॉ कहल ने परिवारों को मुआवजा देने की रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन की प्रतिबद्धता को दोहराया.’

मैकेंजी ने ‘भयावह भूल’ बताया था

इस हमले के कुछ सप्ताह बाद अमेरिकी केंद्रीय कमान के मरीन जनरल फ्रेंक मैकेंजी ने हमले को ‘भयावह भूल’ बताते हुए कहा था कि इसमें बेगुनाह नागरिक मारे गए हैं. मैक्केंजी ने 29 अगस्त के हमले की जांच के नतीजों पर पत्रकारों से कहा था कि ड्रोन हमले में क्षतिग्रस्त हुए वाहन और मारे गए लोगों के इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लेवांत-खुरासन (आईएसआईएस-के) से जुड़े होने या अमेरिकी सेना के लिए कोई प्रत्यक्ष खतरा होने की आशंका नहीं थी (US Army on Afghanistan Attacks). उन्होंने कहा कि हालांकि इस हमले को इस्लामिक स्टेट के हमले के बाद हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर जमीनी हालात के संदर्भ में ही समझा जाए.

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