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Tokyo Olympics: भारतीय महिला हॉकी टीम मेडल लेने से चूकी, सीएम योगी से लेकर सीएम खट्टर तक ने किया अभिनंदन

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला टीम ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम नहीं कर पाई. ब्रिटेन ने मैच को 4-3 से अपने नाम कर लिया. इसके बावजूद महिला हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया है. भारतीय महिला हॉकी टीम पहली बार ब्रॉन्ज मेडल के लिए फाइट कर रही थी. ग्रुप स्टेज के आखिरी दो मुकाबलों में भारत ने शानदार वापसी करते हुए अगले राउंड में जगह बनाई थी. इस उपलब्धि के लिए आम से लेकर खास लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं. तमाम राजनेताओं ने ट्वीट कर भारतीय महिला हॉकी टीम का हौसला अफजाई किया है.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला टीम का अभिनंदन किया है. उन्होंने कहा, ‘मैच हारा, लेकिन मन जीता… टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचने वाली माँ भारती की बेटियों का हार्दिक अभिनंदन. जय हिंद!’

महिला खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये का इनाम
हरियाणा सरकार ने अपने राज्य की महिला खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, ‘ब्रिटेन की टीम बहुत कम अंतर से जीत पाई है. भारत की टीम ने बहुत बेहतरीन प्रदर्शन किया. मैं हॉकी टीम में हरियाणा की सभी 9 खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा करता हूं.’
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “महिला हॉकी टीम पर देश को गर्व है. हमारी लड़कियों ने कई शीशों की छतें तोड़ दी हैं. मुझे यकीन है कि अगले ओलंपिक में हमारा तिरंगा सबसे ऊपर होगा.”
पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री और केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजेजू ने कहा है कि हॉकी का सुनहरा दौर वापस लौट आया है. उन्होंने कहा, ‘लड़कियों हिम्मत मत छोड़ो, आप सभी ने टोक्यो ओलंपिक में दुनिया के टॉप-4 में पहुंचकर शानदार खेल दिखाया. मैं भारत को गौरवान्वित करने के लिए हमारी महिला हॉकी की सराहना करता हूं.”

बीजेपी नेता कीर्ति आजाद ने भी महिला टीम की सराहना की है. उन्होंने महिला खिलाड़ियों की फोटो शेयर करते हुए ट्वीट में लिखा, “कोई बात नहीं आपने हमें गौरवान्वित किया. मैं आपके दुख को समझ सकता हूं.”
भारत की महिला टीम के लिए यह ओलंपिक में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन कहा जा सकता है. दुनिया की नौवें नंबर की भारतीय टीम तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए दुनिया की नंबर-2 ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंची थी. सेमीफाइनल में हालांकि उसे हार मिली. यह भारत का तीसरा ओलंपिक था. मास्को (1980) के 36 साल के बाद उसने रियो ओलंपिक (2016) के लिए क्वालीफाई किया था. भारत अंतिम रूप से चौथे स्थान पर रहा था लेकिन उस साल बहिष्कार के कारण सिर्फ छह टीमों ने ओलंपिक में हिस्सा लिया था. इसके बाद भारत ने 2016 के रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया लेकिन वह 12 टीमों के टूर्नमेंट में अंतिम स्थान पर रही थी. भारत को पूल स्तर पर पांच मैचों में सिर्फ एक ड्रॉ नसीब हुआ था.

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