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लखीमपुर पहुंचे राहुल-प्रियंका, मारे गए किसान के परिवार से की मुलाकात

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बुधवार की शाम लखीमपुर खीरी पहुंच गए। सबसे पहले दोनों नेता पलिया पहुंचे और बवाल में मारे गए किसान लवप्रीत के परिवार वालों से मुलाकात की। पलिया के चौखड़ा फार्म स्थित घर पर दोनों नेताओं ने लवप्रीत के परिजनों से बातचीत की। उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। राहुल-प्रियंका ने लवप्रीत के मां-पिता व दोनों बहनों से मिले और दुःख सांझा किया। उन्होंने न्याय के संघर्ष में परिवार का साथ निभाने का भरोसा भी दिलाया। राहुल प्रियंका यहां से अन्य किसानों के परिवार वालों से भी मिलेंगे।

इससे पहले दिनभर सरकार और कांग्रेस नेताओं के बीच रार चलती रही। पहले रोक…फिर रजामंदी और इसके बाद फिर रार…। राज्य सरकार और कांग्रेस के बीच चल रही सियासी खींचतान बुधवार को चरम पर पहुंच गई। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में सुबह 10 बजे प्रेस कांफ्रेंस की और फिर लखनऊ आने के लिए निकल लिए। दूसरी तरफ, लखनऊ में सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने कानून के तहत कुछ कदम उठाए हैं और विपक्षी पार्टियों से अभी लखीमपुर न जाने का अनुरोध किया है। हालांकि जब तक राहुल लखनऊ पहुंचते, सरकार ने लखीमपुर जाने की अनुमति दे दी।

देर शाम कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल पलिया के लिए रवाना हो गया। राहुल गांधी बुधवार की दोपहर दो बजे लखनऊ पहुंचे तो सरकार ने अपने तय रूट व व्यवस्था में जाने के लिए कहा। नतीजतन राहुल गांधी ने इनकार कर दिया और अपने नेताओं के साथ एयरपोर्ट के अंदर ही धरने पर बैठ गए। प्रशासन ने अंतत: एक घण्टे बाद उन्हें अपनी ही गाड़ी में सीतापुर जाने दिया गया। हवाला दिया गया कि वह उच्च श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त राजनेता हैं लिहाजा तय रूट ही लेना होगा।

इस बीच राहुल गांधी की एयरपोर्ट पर पुलिस से बहस भी हुई। उन्होंने कहा कि ये कैसी अनुमति है? कह रहे कि आपको पुलिस की गाड़ी से जाना पड़ेगा। ये कुछ न कुछ बदमाशी कर रहे हैं। हम अपनी गाड़ी से जाएंगे। मैं पुलिस की गाड़ी से नहीं जाऊंगा, पता नहीं कहां लेकर जाएं? जब तक मैं एयरपोर्ट से निकल नहीं पाऊंगा मैं यहीं बैठा रहूंगा। ये सोचते हैं कि हम इन लोगों से डरते हैं, हम नहीं डरते। किसानों से बिना मिले नहीं जाऊंगा। उन्होंने कहा कि मसला यह नहीं है कि प्रियंका को बंद करके रखा गया है, मुद्दा यह है कि अपराधियों को नहीं पकड़ा गया। उन्हें जेल नहीं भेजा गया। किसानों को कुचला जा रहा है। राहुल गांधी के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला भी थे। राहुल कुछ देर वहीं धरने पर बैठे रहे।

नसीमुद्दीन ने दिया धरना

एयरपोर्ट के बाहर सैकड़ों कांग्रेसी मौजूद थे। वे राहुल-प्रियंका जिंदाबाद और यूपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे लेकिन करीब एक घंटे तक जब राहुल एयरपोर्ट से नहीं निकले तो कांग्रेसी परेशान हो उठे। नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने एयरपोर्ट के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। कांग्रेस जोरदार नारेबाजी करने लगे। इस दौरान उनकी कई बार पुलिस से कहासुनी भी हुई। इससे पहले अंदर राहुल गांधी, भूपेश बघेल व पंजाब के सीएम चन्नी को वीआईपी कक्ष में भोजन भी कराया गया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर और डीएम अभिषेक प्रकाश भी मौजूद रहे।

राहुल गांधी ने रोकी गाड़ी 

मुख्य मार्ग से एयरपोर्ट जाने वाली सड़क पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा दी थी। वहीं पर वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, पीएल पुनिया, राजाराम पाल समेत प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी, बृजेन्द्र सिंह, ओंकार नाथ आदि को पहले ही पुलिस द्वारा रोक दिया गया था। वे वहीं राहुल गांधी का इंतजार कर रहे थे। राहुल गांधी ने उन्हें देख कर गाड़ी रुकवा दी और उतर कर सबसे मुलाकात की। उन्होंने एनएसयूआई के सदस्यों से भी गाड़ी से उतर कर मुलाकात की।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए हुई बैरिकेडिंग

राहुल गांधी के लखनऊ आने की खबर सुबह ही आ चुकी थी। हजारों की संख्या कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेता का स्वागत करने के लिए एयरपोर्ट पहुंचने लगे लेकिन उन्हें बाहर ही रोका जाने लगा। कई जगह पुलिस से झड़प भी हुई। यहां तक कि मेट्रो से जाने वाले लोगों में भी कुर्ता-पायजामा पहने लोगों को रोक दिया गया। हालांकि सरकार से अनुमति मिलने की खबर के बाद कई लोग पुलिस के रोकने के बाद भी अंदर पहुंच गए।

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