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‘लोगों के आशीर्वाद से बना प्रधानमंत्री, कभी नहीं की थी इसकी कल्पना’, पीएम मोदी ने बताया कैसा रहा 20 साल की जनसेवा का सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एम्स ऋषिकेश से 35 राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में पीएम केयर्स के तहत स्थापित 35 प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन प्लांट राष्ट्र को समर्पित किए. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज से नवरात्र का पावन पर्व भी शुरु हो रहा है. आज प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है. मां शैलपुत्री, हिमालय पुत्री हैं और आज के दिन मेरा यहां होना, यहां आकर इस मिट्टी को प्रणाम करना, हिमालय की इस धरती को प्रणाम करना, इससे बड़ा जीवन में कौन सा धन्य भाव हो सकता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस बार टोक्यो ऑलंपिक में देवभूमि ने अपना झंडा गाड़ दिया है. इसके लिए आप सभी अभिनंदन के अधिकारी है. उत्तराखंड की दिव्य धरा ने मुझ जैसे अनेक लोगों की जीवन धारा को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. इस भूमि से मेरा नाता मर्म का भी है, कर्म का भी है. सत्व का भी है,तत्व का भी है. आज के ही दिन 20 साल पहले मुझे जनता की सेवा का एक नया दायित्व मिला था. लोगों के बीच रहकर, लोगों की सेवा करने की मेरी यात्रा तो कई दशक पहले से चल रही थी, लेकिन आज से 20 वर्ष पूर्व, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मुझे नई जिम्मेदारी मिली थी.

प्रधानमंत्री बनने की कल्पना नहीं की थी

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के मुखिया के तौर पर पहले मुख्यमंत्री और फिर देश के लोगों के आशीर्वाद से देश के प्रधानमंत्री पद पर पहुंचा, इसकी कल्पना मैंने कभी नहीं की थी. 20 वर्ष की ये अखंड यात्रा आज अपने 21वें वर्ष में प्रवेश कर रही है. ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर ऐसी धरती पर आना, जिस धरती ने मुझे निरंतर अपना स्नेह, अपनत्व दिया है वहां आना, बहुत बड़ा शौभाग्य समझता हूं. 100 साल के इस सबसे बड़े संकट का मुकाबला हम जितनी बहादुरी से कर रहे हैं, उसे दुनिया देख रही है. कोरोना से लड़ाई के लिए इतने कम समय में भारत ने जो सुविधाएं तैयार कीं, वो हमारे देश के सामर्थ्य को दिखाता है.

आयातक से निर्यातक बनने का सफर तेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ 1 टेस्टिंग लैब से करीब 3,000 टेस्टिंग लैब्स का नेटवर्क, मास्क और किट्स के आयातक से निर्यातक बनने का सफर तेजी से पार हो रहा है. सामान्य दिनों में भारत में एक दिन में 900 मीट्रिक टन, लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का प्रॉडक्शन होता था. डिमांड बढ़ते ही भारत ने मेडिकल ऑक्सीजन का प्रॉडक्शन 10 गुना से भी ज्यादा बढ़ाया. ये दुनिया के किसी भी देश के लिए अकल्पनीय लक्ष्य था, लेकिन भारत ने इसे हासिल करके दिखाया.

ये हर भारतीय के लिए गर्व की बात

ये हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है कि कोरोना वैक्सीन की 93 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है. बहुत जल्द हम 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएंगे. भारत ने Cowin प्लेटफॉर्म का निर्माण करके पूरी दुनिया को राह दिखाई है कि इतने बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन किया कैसे जाता है. बीते कुछ दिनों में पीएम केयर्स द्वारा स्वीकृत 1,150 से अधिक ऑक्सीजन प्लांट्स काम करना शुरू कर चुके हैं. अब देश का हर जिला पीएम केयर्स के तहत बने हुए ऑक्सीजन प्लांट से कवर हो चुका है.

विकास से कनेक्टिविटी का सीधा कनेक्शन

उत्तराखंड के निर्माण का सपना अटल जी ने पूरा किया था. अटल जी मानते थे कनेक्टिविटी का सीधा कनेक्शन विकास से है. उन्हीं की प्रेरणा से आज देश में कनेक्टिविटी के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अभूतपूर्व स्पीड और स्केल पर काम हो रहा है. हमारी सरकार, हर फौजी, हर पूर्व फौजी के हितों को लेकर भी पूरी गंभीरता से काम कर रही है. ये हमारी ही सरकार है जिसने वन रैंक वन पेंशन को लागू करके अपने फौजी भाइयों की 40 साल पुरानी मांग पूरी की. जब फौज के वीर जवानों के पास आधुनिक हथियार होते हैं, अपनी रक्षा के लिए आधुनिक उपकरण होते हैं, तो वो उतनी ही आसानी से दुश्मन से मुकाबला कर पाते हैं. हमारी सरकार ने रक्षा क्षेत्र में जो आत्मनिर्भरता का अभियान चलाया है, वो भी फौजी साथियों को बहुत मदद करने वाला है.

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