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जैन मुनि संत विमद सागर महाराज ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पंखे से लटका मिला शव, बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे अनुयायी

इंदौर में दिगंबर जैन संत विमद सागर महाराज ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. नंदा नगर स्तिथ श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर के करीब धर्मशाला में उनका शव मिला. वह यहां चातुर्मास के लिए पहुंचे थे. प्रारंभिक तौर पर मामला गंभीर होने के चलते पुलिस भी इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है कि मौत की वजह क्या है. वहीं जैन मुनि के अचानक दुनिया को छोड़ कर चले जाने का ये मामला उनके अनुयायियों के लिए किसी बड़े हादसे से कम नही है. सूचना के बाद बड़ी संख्या में उनके अनुयायी जैन मंदिर पहुंचे. मौके पर परदेशीपुरा थाना पुलिस और फॉरेंसिक की टीम मौजूद है. जैन मुनि के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है.

जैन मुनि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. इंदौर के CSP निहित उपाध्याय ने बताया कि मंदिर की धर्मशाला में उनका कमरा काफी देर से बंद था. उनके शिष्य ने उन्हें बुलाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. जिसके बाद लोग जबरन उनके कमरे में घुसे जहां जैन मुनि का शव पंखे से लटका था. लोगों ने उनके शव को उतारा और पुलिस को सूचना दी. जिस कमरे में उन्होंने फांसी लगाई उस कमरे को पुलिस ने सील कर दिया है. उन्होंने आत्महत्या क्यों की इसका पता नहीं चला है.

रोज होता था प्रवचन

जानकारी के मुताबिक जैन मुनि आठ महीने पहले रतलाम से विहार के बाद इंदौर आए थे. चतुर्मास के लिए वह यहां रुके था. पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर नंदानगर में रोज सुबह 9 बजे से 10 बजे तक उनका प्रवचन होता था.

29 साल पहले लिया था संन्यास

जैन मुनि विमद सागर सागर जिले के रहने वाले थे. ब्रह्मचर्य का व्रत लेने से पहले उनका नाम संजय कुमार जैन था. 29 साल पहले उन्होंने संन्यास का फैसला लिया. 1992 में उन्होंने संन्यास ले लिया. वह कभी भी नमक, तेल, चीनी और दूध नहीं खाते थे.

पोस्टमॉर्टम नहीं चाहते अनुयायी

जैन मुनि के अनुयायी नहीं चाहते कि उनके शव का पोस्टमॉर्टम किया जाए. संत समाज की परंपरा के अनुसार अनका अंतिम संस्कार होना चाहिए. वहीं इस मामले में इंदौर के CSP निहित उपाध्याय पोस्टमॉर्टम न कराने के सवाल पर कहा कि यह कानूनन एक प्रक्रिया है. क्योंकि मामला संदिग्ध परिस्थिति में मौत का है इसलिए कानून जांच जरूरी है. फिलहाल समाज की तरफ से लोगों की ऐसी कोई मांग नहीं मिली है.

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