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पूर्व CAG विनोद राय ने कांग्रेस नेता संजय निरुपम से मांगी बिना शर्त माफी, 7 साल पहले किया था मानहानि का केस, जानिए पूरा मामला

भारत के पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय ने कांग्रेस नेता संजय निरुपम से 2014 के एक मानहानि मामले में बिना शर्त माफी मांग ली. विनोद राय ने 2014 में एक इंटरव्यू के दौरान संजय निरुपम पर आरोप लगाया था कि उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर CAG की रिपोर्ट से तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का नाम हटाने के लिए दबाव बनाया था. इसके बाद संजय निरुपम ने पूर्व CAG के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाया था.

विनोद राय ने अपने माफीनामे में कहा है कि उन्होंने संजय निरुपम का नाम गलती से लिया था. उन्होंने कहा, “संजय निरुपम के खिलाफ टेलीविजन पर प्रसारित और अखबार में प्रकाशित मेरे बयान तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं. मेरे बयानों से संजय निरुपम, उनके परिवार और शुभचिंतकों को तकलीफ पहुंची, इसके लिए मैं बिना शर्त माफी मांगना चाहता हूं. मुझे उम्मीद है कि संजय निरुपम मेरी बिना शर्त माफी पर विचार करेंगे और इस मुद्दे को खत्म करेंगे.”

2जी और कोल ब्लॉक पर रिपोर्ट बकवास थी- निरुपम

संजय निरुपम ने गुरुवार को एक वीडियो जारी कर कहा, “हिंदुस्तान के भूतपूर्व CAG विनोद राय ने मुझसे अदालत में बिना शर्त माफी मांगी है. 2015 में उन्होंने रिटायरमेंट के बाद एक किताब लिखी. उस किताब के प्रचार के दौरान उन्होंने मेरे ऊपर आरोप लगाया था कि जब वे कोल ब्लॉक के आवंटन की छानबीन/ऑडिट कर रहे थे, तब मैंने उनसे गुजारिश की थी कि इस पूरे रिपोर्ट में प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का नाम मत आने दीजिएगा. ये सरासर झूठ था, गलत बात थी.”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने तभी विनोद राय जी से कहा था कि आपने गलत बात की है, आप इसे वापस लीजिए. उन्होंने नहीं माना. मैंने पटियाला हाउस कोर्ट दिल्ली में उनके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया था. मामले में लगातार सुनवाई जारी थी. आज उन्होंने अदालत में बिना शर्त माफी पेश की और कोर्ट ने उनके माफीनामा को स्वीकार किया है. लेकिन मैं यह भी कहूंगा कि उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन और कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर जो रिपोर्ट बनाई, वो सारी रिपोर्ट बकवास थी.”

पूरे देश से मांफी मांगें विनोद राय- निरुपम

निरुपम ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में 7 सालों तक सुनवाई के बाद जज ने कहा था कि सीबीआई ने इस कथित घोटाले का कोई सबूत ही नहीं दिया. उन्होंने कहा, “यानी रिपोर्ट ही फर्जी थी. कोल ब्लॉक आवंटन की रिपोर्ट भी फर्जी थी. उन फर्जी रिपोर्टों के लिए भी विनोद राय को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए.”

विनोद राय ने एक टीवी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कुछ मंत्रियों द्वारा विवादास्पद 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस आवंटन की प्रक्रिया पर चिंता जताने के बावजूद, इसे रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया था. इस इंटरव्यू को दो अखबारों ने भी प्रकाशित किया था. उन्होंने दावा किया था कि कुछ कांग्रेस सांसदों ने उन्हें 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस आवंटन की ऑडिट रिपोर्ट से मनमोहन सिंह का नाम बाहर रखने को कहा था.

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