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केरल में बाढ़ से तबाही का मंजर बरकरार… 35 लोगों की मौत, 11 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी

केरल में भारी बारिश और लैंडस्लाइड की घटनाएं जारी है. जैसे ही केरल के सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बारिश कम हुई, कई लोग यह देखकर हैरान रह गए कि उनके घरों का कोई निशान नहीं बचा है. राज्य में सोमवार को मरने वालों की संख्या बढ़कर 35 हो गई, वहीं, दक्षिणी राज्य में आगे भी तूफानी मौसम होने की संभावना जताई जा रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार से प्रभावी 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया, साथ ही गंभीर मौसम बने रहने की चेतावनी जारी की है.

कोक्कयार में एक बचाव दल ने तीन वर्षीय सचू साहुल का शव बरामद किया, जबकि दो लापता लोगों की तलाश जारी है. कोट्टायम के कवाली और प्लापल्ली में दो अलग-अलग भूस्खलन में 12 लोगों के मारे जाने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई, जबकि तीन बाढ़ के पानी में बह गए. कवाली के सेंट मैरी चर्च में सोमवार को तीन बच्चों समेत एक ही परिवार के छह लोगों को दफनाते हुए दिल दहला देने वाला दृश्य देखा गया.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई दर्दनाक वीडियो

बाढ़ में एक घर के बह जाने का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और उसके मालिक, केपी जेबी, एक निजी बस चालक ने कहा कि उसकी 25 साल की बचत कुछ ही सेकंड में गायब हो गई. हालांकि, घर में अचानक आई बाढ़ में बह जाने से वह और उसके परिवार के सदस्य बच गए थे लेकिन, उनकी सालों की कमाई को पानी का सैलाब बहा ले गया. उन्होंने कहा कि वह परेशान हैं अब उन्हें शुरू से अपनी जिंदगी की शुरूआत करनी होगी.

अधिकारियों ने जारी किया 10 बांधों में रेड अलर्ट

बाढ़ और भूस्खलन ने इडुक्की में मुंडाकायम क्षेत्र के कई निवासियों को बेघर कर दिया. हालांकि सोमवार को बारिश थम गई, लेकिन कई बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में अभी भी बारिश हो रही है, जिससे जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है. अधिकारियों ने 10 बांधों में रेड अलर्ट जारी किया है. पठानमथिट्टा जिले में कक्की और पंबा बांधों के स्लुइस गेट खोले गए. राज्य के राजस्व मंत्री के राजन ने पठानमथिट्टा में एक समीक्षा बैठक के बाद कहा कि पंबा और अन्य नदियों में जल स्तर बढ़ने के कारण सबरीमाला पहाड़ी मंदिर की तीर्थयात्रा रोक दी गई है.

तीर्थयात्रा के लिए नहीं है ठीक समय – राजस्व मंत्री राजन

मंत्री ने कहा कि कक्की बांध के स्लुइस गेट खोलने के बाद, पंबा नदी में जल स्तर कम से कम 15 सेमी बढ़ जाएगा, और यह तीर्थयात्रा के लिए आदर्श स्थिति नहीं थी. पड़ोसी राज्यों से कोट्टायम और पथानामथिट्टा पहुंचे तीर्थयात्रियों को अधिकारियों ने वापस भेज दिया है. जैसे ही बांध के फाटक खोले गए, कुट्टनाड और अलपजुहा के कई इलाकों में भारी जलभराव हुआ.

जल संसाधन मंत्री रोशी ऑगस्टीन ने बताया कि एशिया के सबसे बड़े आर्च बांध इडुक्की के स्लुइस गेट मंगलवार को सुबह 11 बजे खोल दिए जाएंगे. सोमवार को जलाशय में जल स्तर बढ़कर 2,398 फीट हो गया था. इसे 2,403 फीट पानी रखने के लिए डिजाइन किया गया है. इडुक्की के सांसद डीन कुरियाकोस ने राज्य सरकार से बांध पर दबाव कम करने के लिए कुछ स्लुइस गेट खोलने को कहा है.

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