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‘केदारनाथ के कायाकल्प में दिखाया समर्पण-आदि शंकराचार्य की प्रतिमा ने किया भावुक’, एचडी देवगौड़ा ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ

पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने केदारनाथ पवित्र स्थल के कायाकल्प के प्रति ‘समर्पण’ और आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की. देवगौड़ा ने कहा कि आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का कर्नाटक से संबंध होने पर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं क्योंकि उसे मैसूरु के मूर्तिकार अरुण योगिराज ने बनाया है और उसके निर्माण में जिस पत्थर का प्रयोग किया गया वह मैसूरु जिले के एच डी कोटे से निकला गया है. जनता दल (एस) के 88 वर्षीय अध्यक्ष ने शीघ्र ही केदारनाथ जाकर आदि शंकराचार्य की प्रतिमा देखने की इच्छा जताई.

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में देवगौड़ा ने कहा, “केदारनाथ में पांच नवंबर को आपके द्वारा काले पत्थर से बनी श्री आदि शंकराचार्य की जिस प्रतिमा का अनावरण किया गया उससे मैं भावुक हो गया. पवित्र स्थल का कायाकल्प करने में आपने जो समर्पण दिखाया उसके लिए आप बधाई के पात्र हैं.” जनता दल (एस) अध्यक्ष ने कहा कि वह श्री श्रृंगेरी शारदा पीठ के अनुयायी हैं जो कर्नाटक के चिक्कमगलुरु में स्थित है और आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठों में से एक है. देवगौड़ा ने कहा कि श्रृंगेरी सदियों से कई शासकों को आध्यात्मिक परामर्श देता रहा है.

बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ के दर्शन किए और आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण, उनकी समाधि का लोकार्पण सहित 400 करोड़ रुपए के अन्य पुनर्निर्माण कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया. भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच केदारनाथ पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की और उनका रूद्राभिषेक किया. कई क्विंटल फूलों से सजे मंदिर के मुख्य द्वार पर प्रधानमंत्री के पहुंचने पर पुजारियों ने उनके माथे पर चंदन का लेप लगाकर स्वागत किया.

पीएम मोदी ने किया शंकराचार्य की बारह फुट लंबी प्रतिमा का अनावरण

शीतकाल के लिए मंदिर के कपाट बंद होने से एक दिन पहले बाबा केदार की पूजा करने के बाद मोदी ने एक ही शिला काटकर बनाई गई शंकराचार्य की बारह फुट लंबी प्रतिमा का अनावरण किया और उसके समक्ष बैठकर उनकी आराधना की. उन्होंने शंकराचार्य के पुनर्निमित समाधि स्थल का लोकार्पण भी किया. आदिगुरू का समाधि स्थल 2013 में आई प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था. प्रधानमंत्री ने केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया जिसमें सरस्वती नदी के तट पर घाट और सुरक्षा दीवार का निर्माण, गरूडचटटी जाने के लिए मंदाकिनी नदी पर बना पुल तथा तीर्थ पुरोहितों के नए आवास शामिल हैं.

अलौकिक अनुभव को व्यक्त करने के लिए शब्द नहींः मोदी

मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां हो रहे अलौकिक अनुभव को व्यक्त करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘कुछ अनुभव इतने अलौकिक, इतने अनंत होते हैं कि उन्हें शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता. बाबा केदारनाथ की शरण में जब भी आता हूं, यहां के कण-कण से जुड जाता हूं. यहां की हवाएं, हिमालय की चोटियां, बाबा केदार का सानिध्य, न जाने यहां आकर कैसी अनुभूति होती है, जिसके लिए मेरे पास शब्द नहीं है.’ गोवर्धन पूजा के दिन बाबा केदार के दर्शन और पूजा को अपना सौभाग्य बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य के समाधि स्थल पर कुछ समय बिताना भी उनके लिए दिव्य अनुभूति वाला था. उनके सामने बैठते ही लग रहा था कि आदिशंकर की आंखों से तेज पुज, प्रकाश पुंज प्रवाहित हो रहा है जो भक्त भारत का विश्वास जगा रहा है.’

(भाषा की रिपोर्ट)

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