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लखीमपुर कांड में अंकित दास ने किया सरेंडर, किसानों को कुचलने का आरोप

लखीमपुर हिंसा कांड में सहआरोपी अंकित दास ने भी एसआईटी के सामने सरेंडर कर दिया है. लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में पुलिस अंकित दास को ढूंढने के लिए रविवार को लखनऊ के पुराना किला मोहल्ले में उनके घर पर भी पहुंची थी. लेकिन अंकित वहां मौजूद नहीं थे. अंकित के घर पर जाकर भी पुलिस ने उनके बारे में पूछताछ की थी. अंकित दास की तलाश में पुलिस ने कई जगह छापेमारी की भी की थी.

जानकारी के अनुसार यूपी पुलिस के भारी दबाव के चलते अंकित दास कोर्ट में हाज़िर नहीं हुआ. अंकित सरेंडर करने के लिए वकीलों के साथ पहुंचा था. कल ही अंकित ने कोर्ट में सरेंडर की अर्जी भी दी थी. अंकित के साथ उनका गनर लतीफ भी मौजूद था. वारदात में शामिल फॉर्च्यूनर गाड़ी अंकित की ही थी. वहीं यूपी के कानून मंत्री बृजेश पाठक लखीमपुर खीरी पहुंचे हैं. मंत्री तिकोनिया कांड में मृतक हरिओम मिश्रा और शुभम मिश्रा के परिजनों से मुलाकात करेंगे.

राष्ट्रपति से मिला कांग्रेस डेलिगेशन

लखीमपुर में हुई हिंसा मामले पर कांग्रेस का एक डेलिगेशन आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिला. डेलिगेशन में पांच सदस्य राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और एके एंटोनी मौजूद रहे. कांग्रेस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग की गई है.

जानें कौन है अंकित दास?

अंकित दास, कांग्रेस के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के भतीजे हैं. अखिलेश दास यूपी में कांग्रेस के दिग्गज नेता हुआ करते थे और बाद में वह बसपा में शामिल हो गए थे. अखिलेश दास मनमोहन सिंह सरकार में इस्पात राज्यमंत्री भी रहे हैं और उसके बाद उन्होंने बसपा का दामन थाम लिया था. अखिलेश दास का अप्रैल 2017 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था.

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