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राफेल पर कांग्रेस के वार के बाद बीजेपी का पलटवार, बोली- सारी सच्चाई आ गई सामने, 2013 से पहले 65 करोड़ की दी गई घूस

राफेल डील पर विपक्ष के हल्ला मचाने के बीच बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि 2013 से पहले इस डील के लिए 65 करोड़ रुपये की घूस दी गई थी. बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि किसकी सरकार में डील हुई यह पता चल गया है. 2007 और 2012 के बीच जो राफेल डील की गई थी उसमें यह घूस दी गई थी.

संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस बिना कमीशन के कुछ नहीं करती है. कांग्रेस ने कमीशन के रिकॉर्ड तोड़ दिए. बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि कुछ महीने पहले फ्रांस की एक मीडिया कंपनी मीडिया पार्टी ने यह खुलासा किया कि राफेल में भ्रष्टाचार हुआ था. जैसे ही यह खुलासा हुआ कांग्रेस पार्टी ने आव देखा ना ताव और देश के प्रधानमंत्री पर हमला बोला था. उस समय बीजेपी ने कहा था कि इंतजार करिए, समय आएगा तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

बीजेपी ने कांग्रेस राज में लगाए 65 करोड़ घूस देना का आरोप

संबित पात्रा ने कहा कि आज जब मीडिया पार्ट ने आर्टिकल के माध्यम से सच्चाई को सामने रखा है तो दिल दहल जाता है. उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला 2007 से 2012 के बीच हुआ है. बीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा कि मीडिया पार्ट के आर्टिकल को पढ़ने के बाद यह पता चला कि पूरी तरह से यह बताया गया कि द असॉल्ट एविएशन था, जिसे डील के रूप में कोड वर्ड डी को दिखाया गया, यह दसॉ एविशन ने 65 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में दिया गया था. उन्होंने कहा कि यह आर्टिकल लिखता है कि सीक्रेट कमीशन एक मीडिल मैन के लिए 36 एयरक्राफ्ट के लिए दिया गया था.

संबित पात्रा ने कहा कि मिनिमम अमाउंट  65 करोड़ दिया गया. 11 मिलियन यूरो तक यह कमीशन हिंदुस्तान में बिचौलिए के माध्यम से दिया गया. सुशेन मोहन गुप्ता है बिचौलिए का नाम. सुशेन मोहन गुप्ता पुराना खिलाड़ी है जिसने VVIP चॉपर डील में भी दलाल था. यह बहुत बड़ा घोटाला है जो यूपीए के कार्यकाल में हुआ. आज राहुल गांधी भारत में नहीं, इटली में है. इटली से जवाब दें उन्होंने भ्रम फैलाने की कोशिश की.  उन्होंने कहा कि वायुसेना को एयरक्राफ्ट की आवश्यकता थी लेकिन दस साल तक लटकाए रखा गया.

कांग्रेस बोली- देश का सबसे बड़ा रक्षा घोटाला

इधर, कांग्रेस ने राफेल डील में घूस के आरोपों पर केन्द्र सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस ने कहा कि राफेल देश का सबसे बड़ा रक्षा घोटाला है. कांग्रेस ने कहा कि राफेल में रिश्वतखोरी को दफनाने की कोशिश की गई है. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा राफेल डील में भ्रष्टाचार को दफनाने के लिए ऑपरेशन कवर अप चल रहा है. पिछले 5 सालों में जो आरोप है वो देश की सत्ता में बैठे उच्चतम लोगों तक जा रहा है.

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, 4 अक्टूबर 2018 को बीजेपी के पूर्व मंत्री और एक वरिष्ठ वकील ने तत्कालीन CBI के निदेशक को दस्तावेज सौंपे, 11 अक्टूबर 2018 को मॉरीशस सरकार ने भी CBI को दस्तावेज सौंपे. उसके बाद कोई जांच शुरू नहीं होती है और आधी रात को आलोक वर्मा को हटा दिया जाता है और अपने चहेते नागेश्वर राव को बना दिया जाता है. 36 महीनों में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? ये कोई 60-65 करोड़ घोटाले का मामला नहीं है ये सबसे बड़ा रक्षा घोटाला है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस- यूपीए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय टेंडर के बाद 526.10 करोड़ रुपये में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सहित एक राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए बातचीत की थी. मोदी सरकार ने वही राफेल लड़ाकू विमान (बिना किसी निविदा के) 1670 करोड़ में खरीदा और भारत को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के बिना 36 जेट की लागत में अंतर लगभग 41,205 करोड़ है.

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