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साल 2027 में देश की पहली महिला चीफ जस्टिस बनेंगी बीवी नागरत्ना, जानिए इनके बारे में सब कुछ

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा नियुक्ति पत्रों पर हस्ताक्षर करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में तीन महिलाओं समेत नौ नए न्यायाधीशों की गुरुवार को नियुक्ति हुई.शीर्ष अदालत के नए न्यायाधीशों में न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना, न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी, न्यायमूर्ति हिमा कोहली, न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार, न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पी एस नरसिम्हा शामिल हैं.

जस्टिस बीवी नागरत्ना को मुख्य न्यायधीश बनाया जाएगा. कहा जा रहा है कि साल 2027 में एक महीने के लिए वे इस पद को संभाल सकती हैं.सुप्रीम कोर्ट को तीन नई महिला जज मिली. जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस बेला त्रिवेदी सुप्रीम कोर्ट की जज बनी. सुप्रीम कोर्ट में अब कुल महिला जजों की संख्या चार हुई.

कौन हैं जस्टिस बीवी नागरत्ना?

वर्तमान में जस्टिस बीवी नागरत्ना कर्नाटक हाई कोर्ट में जज हैं. वे साल 2008 में कर्नाटक हाई कोर्ट में बतौर एडिशन जज आई थीं. इसके दो साल बाद उन्हें स्थायी जज बना दिया गया था. जस्टिस बीवी नागरत्ना द्वारा कई महत्वपूर्ण फैसले दिए गए हैं. साल 2012 में जब केंद्र को ब्रॉडकास्ट मीडिया को रेगुलेट करने के निर्देश दिए गए थे, तब हाई कोर्ट की उस बेंच का हिस्सा जस्टिस नागरत्ना भी थीं. वहीं साल 2019 में उनकी बेंच की तरफ से बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा गया था कि मंदिर “व्यावसायिक प्रतिष्ठान” नहीं हैं और उसके कर्मचारी ग्रेच्युटी के हकदार भी नहीं.

कैसा रहा करियर?

जस्टिस बीवी नागरत्ना के करियर की बात करें तो उन्होंने बतौर वकील साल 1987 में अपने करियर की शुरुआत की थी. उनकी तरफ से संवैधानिक और वाणिज्यिक कानूनों के विषय पर प्रैक्टिस शुरू की गई थी. उन्होंने पूरे 23 साल तक वकालत की थी और उसके बाद बतौर जज भूमिका संभाली. अब कहा जा रहा है कि साल 2027 में वे देश की पहली महिला मुख्य न्यायधीश बन सकती हैं. हाई कोर्ट जजेस की सिनियोरिटी के मामले में अभी वे 33वें स्थान पर हैं. अगर भारत सरकार द्वारा उनके नाम पर मुहर लगा दी जाती है तो 23 सितंबर 2027 से 29 अक्टूबर 2 2027 तक वो पद संभाल सकती हैं.

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