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रिकॉर्ड टीकाकरण: यूपी समेत चार राज्यों में लगे 50 फीसदी टीके, बिहार में सबसे ज्यादा 29 लाख से ज्यादा को दी गई वैक्सीन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुक्रवार को हुए रिकॉर्ड टीकाकरण में कर्नाटक, बिहार, यूपी और मध्य प्रदेश का लगभग आधा योगदान रहा है। सबसे ज्यादा 29.38 लाख लोगों से ज्यादा टीके बिहार में लगाए गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बिहार के बाद कर्नाटक में रिकॉर्ड 28.90 लाख से अधिक लोगों ने वैक्सीन ली।

इनके बाद उत्तर प्रदेश में 27.15 लाख और मध्यप्रदेश में 26.44 लाख से अधिक लोगों ने वैक्सीन ली। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, पहली बार किसी एंटी इन्फेक्शन वैक्सीन को इतनी संख्या में प्रतिक्रिया मिली हो। इससे पहले पोलियो को लेकर ऐसा माहौल देश में देखने को मिलता था, लेकिन वह भी एक सप्ताह में अधिकतम छह से सात करोड़ तक होता रहा है। एक दिन में दो करोड़ से अधिक टीकाकरण कभी नहीं हुआ।

देर रात तक लगी वैक्सीन

देश के कई हिस्सों में देर रात तक टीकाकरण कार्यक्रम जारी रहा। रात 12 बजे तक कोविन वेबसाइट पर लगे दैनिक टीकाकरण की संख्या बताने वाले मीटर में बढ़ोतरी दिखाई देती रही। कोविन वेबसाइट के मुताबिक, रात 12 बजे तक देशभर में 2.50 करोड़ से ज्यादा लोगों ने एक दिन में वैक्सीन ली है। राजस्थान में 12.13, महाराष्ट्र में 11.95, पंजाब में 1.79, ओड़िशा में 2.79, तमिलनाडु में 2.20, उत्तराखंड में 1.81, पश्चिम बंगाल में 3.78 लाख ने टीका लिया।

टीकाकरण अभियान में चौथी बार दी गईं एक करोड़ से ज्यादा खुराकें

  • सबसे पहले 21 जून को सबसे अधिक 86 लाख लोगों ने एक दिन में वैक्सीन लिया था। वहीं, 27 अगस्त को 1.08 करोड़ से ज्यादा लोगों ने टीका लिया था।
  • इसके बाद 31 अगस्त को 1.40 और छह सितंबर को 1.19 करोड़ से अधिक लोगों ने वैक्सीन लिया।
खास रणनीति आई काम
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को देशभर में 109,686 जगहों पर टीकाकरण शिविर लगाए गए थे जिनमें से 106,327 शिविर सरकारी अस्पतालों की ओर से लगाए गए थे। इसी का परिणाम रहा कि सुबह से ही टीकाकरण के आंकड़े लाखों की संख्या में तेजी से बढ़ते चले गए। दोपहर डेढ़ बजे ही यह संख्या एक करोड़ पार हो चुकी थी।
अस्पताल में कर्मचारियों के संग मनाया स्वास्थ्य मंत्री ने रिकॉर्ड तोड़ने का जश्न
पीएम के जन्मदिवस पर टीकाकरण का नया विश्व रिकॉर्ड तोड़ने का जश्न केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मनाया। उन्होंने अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों का मुंह मीठा कराने के बाद मुट्ठी बांधकर हाथ को जीत के जश्न के अंदाज में हवा में लहराया और कहा कि हमने यह कर दिखाया। उन्होंने कहा, आपके प्रयासों से ही देश यह उपलब्धि हासिल कर पाया है।
निजी अस्पतालों में अगले माह से मिल सकती है एकल खुराक वाली वैक्सीन, कीमत को लेकर फैसला नहीं
एक तरफ निजी अस्पतालों को मिल रहे टीकों की पर्याप्त खपत नहीं हो पा रही है। वहीं, दूसरी ओर अगले माह आने वाले एकल खुराक के टीके इन्हीं अस्पतालों में सबसे पहले उपलब्ध हो सकते हैं। कसौली स्थित केंद्रीय प्रयोगशाला में अभी टीकों की जांच चल रही है लेकिन सूत्रों का कहना है, फिलहाल इन टीकों को सरकारी अस्पतालों में हो रहे टीकाकरण में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी स्पूतनिक-5 की तरह जॉनसन एंड जॉनसन फॉर्मा कंपनी की यह एक खुराक वाली एंटी कोरोना वैक्सीन प्राइवेट अस्पतालों में ही मिल सकेगी।
छह करोड़ भंडारण
राज्यों के पास वैक्सीन का भंडारण भी बढ़ने लगा है। पहली राज्यों के पास वैक्सीन भंडारण में छह करोड़ से भी ज्यादा खुराक मौजूद हैं।
56 फीसदी टीकाकरण 45 दिन में
16 जनवरी से देश में टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा है लेकिन आंकड़ों की मानें तो बीते जुलाई से 16 सितंबर के बीच 45 दिन में 56 फीसदी टीकाकरण हुआ है। इस अवधि में 44 करोड़ से भी ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगी है।

अध्ययन: मनोरोग की चपेट में आए स्वास्थ्य कर्मचारी

महामारी से लड़ाई में जमीनी स्तर पर अहम भूमिका निभा रहे स्वास्थ्य कर्मचारी मानसिक तौर पर परेशान हैं। मरीजों का इलाज देते देते खुद ये मनोरोग की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे हालात किसी एक या दो अस्पताल के नहीं है बल्कि देश के ज्यादातर राज्यों में स्वास्थ्य कर्मचारी तनाव, चिंता, अवसाद और नींद न आने जैसी परेशानियों से ग्रस्त हैं। नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने एक अध्ययन में कहा, महामारी का देश के स्वास्थ्यकर्मियों पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ा है।

तीन दिन में 35 फीसदी बढ़े केस

कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कभी गिरावट तो कभी उछाल देखने को मिल रही है। पिछले तीन दिन से रोजाना नए मामले बढ़ रहे हैं। स्थिति यह है कि मंगलवार से लेकर अब तक नए मामलों में 35 फीसदी से अधिक का उछाल दर्ज किया जा चुका है। 14 सितंबर को देश में 25,404 नए मामले सामने आए थे लेकिन इसके बाद हर दिन बढ़ती जा रही संख्या अब 35 हजार के करीब पहुंच चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, पिछले एक दिन में 34,403 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 320 लोगों की मौत भी हुई है। इस बीच, 37,950 मरीजों को स्वस्थ घोषित भी किया गया जिसके चलते नए मामले बढ़ने के बाद भी सक्रिय मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हुई है।

केरल में सबसे ज्यादा केस

केरल में पिछले एक दिन में 22,182 नए मामले सामने आए व 178 मौतें हुईं। राज्य में अब तक 44,46,228 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।

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