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यूपी विधानसभा का मानसून सत्र कल से, सरकार को घेरने के लिए विपक्षी दलों ने कमर कसी

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 17 अगस्त से शुरू हो रहा है. इस सत्र के दौरान सरकार सदन में इस वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक बजट 18 अगस्त को सदन में पेश करेगी. सदन में सरकार कई बिल भी पेश करेगी. एक तरफ जहां सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए आज सर्वदलीय बैठक हुई तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष भी तमाम मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में बैठा है. हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री का कहना है कि, विपक्ष के हर सवाल का जवाब सरकार के पास है और उसे सदन में रखा जाएगा.
सर्वदलीय बैठक में सहमति 
मंगलवार से यूपी विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत हो रही है, इससे पहले आज विधान भवन में पहले कार्य मंत्रणा समिति की बैठक हुई और उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें सभी पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल हुए. सर्वदलीय बैठक में विधानसभा को सुचारू रूप से चलाने को लेकर सभी दलों के बीच सहमति बनी. लेकिन हर बार जब भी सदन की कार्यवाही शुरू होती है तो विपक्षी दल तमाम मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने के लिए वेल में आ जाते हैं और इस बार भी विपक्षी दलों ने कुछ ऐसी ही तैयारी कर रखी है. दरअसल कोरोना की दूसरी लहर के बाद पहली बार विधानसभा का ये सत्र शुरू होने जा रहा है, और ऐसे में कोरोना काल में हम लोगों को ही मुश्किलों को लेकर सरकार को सदन में घेरने की तैयारी में जुटे हैं, इसके अलावा जिस तरह से महिलाओं के साथ अपराध बढ़े हैं उसे भी सदन में इस बार मुद्दा बनाने की फिराक में विपक्ष साथी साथ किसान की समस्याओं को लेकर और बेरोजगारी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरने की तैयारी कर रखी है.
सदन में उठाएंगे जनता से जुड़े मुद्दे
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना का साफ तौर पर कहना है कि, कोरोना काल में जिस तरह से लोगों ने दवाइयों और मेडिकल सुविधाओं के आभाव में दम तोड़ दिया, उन मुद्दों को सदन में इस बार कांग्रेस जोर शोर से उठाएगी. वहीं, समाजवादी पार्टी ने भी सदन के बाहर और भीतर सरकार को घेरने की अपनी तैयारी पूरी कर रखी है.
विधानसभा के मानसून सत्र वैसे तो 17 अगस्त से लेकर 24 अगस्त तक प्रस्तावित है, जिसमें 17 अगस्त को पहले दिन निधन की सूचनाएं दी जाएंगी. क्योंकि कोरोना काल में कई विधायकों की जान चली गई, जिन्हें कल सदन में श्रद्धांजलि दी जाएगी. वहीं 18 अगस्त को दोपहर 12:30 बजे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना सदन में वित्तीय वर्ष 2020- 21 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे. माना जा रहा है कि, चुनावी वर्ष में अनुपूरक बजट का आकार भी बड़ा हो सकता है, जो तकरीबन 50 से 55 हज़ार करोड़ का हो सकता है.
वित्त मंत्री की अपील 
वित्त मंत्री संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना का साफ तौर पर कहना है कि, सदन सुचारू रूप से चले, आज इसीलिए कार्य मंत्रणा समिति में सभी दलों के बीच इस पर सहमति बनी है और सभी दलों ने अपनी स्वीकृति दी है. उनका साफ तौर पर ये भी कहना है कि अगर सदन में चर्चा होगी तो अच्छा रहेगा. सदन हंगामे के लिए नहीं है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का साफ तौर पर कहना कि, दरअसल विपक्ष सदन को सुचारू रूप से नहीं चलने देता, अगर सदन कायदे से चले तो इसका फायदा सबको मिलेगा, और ज्यादा से ज्यादा जनता के मुद्दों पर चर्चा होगी.
बीते कुछ वर्षों से लगातार ये देखने को मिला है कि, जब भी विधानसभा सत्र की शुरुआत होती है, उससे पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस विधान भवन के बाहर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर जरूर सरकार की तमाम नीतियों को लेकर धरना प्रदर्शन करते हैं और कल भी इस बात की संभावना ज्यादा है. वही पिछले साढे 4 वर्ष में अब तक सदन की कार्रवाई महज 90 दिन ही चली है. इसे लेकर कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने एक पत्र भी जारी किया है. इसे लेकर भी विपक्षी दल सरकार पर निशाना साध रहे हैं. जाहिर है ऐसे में यह मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है.

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