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मोदी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा- गेहूं समेत इन रबी फसलों की MSP में बढ़ोतरी, सरसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 400 रुपए की वृद्धि

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2022-23 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को तय कर दिया है. बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद फसलों के नए रेट्स जारी कर दिए गए. इसके मुताबिक, गेहूं की एमएसपी में 40, चना की एमएसपी में 130 और सरसों की एमएसपी में सबसे अधिक 400 रुपए की बढ़ोतरी की गई है.

केंद्र सरकार ने रबी फसलों की एमएसपी में उस वक्त बढ़ोतरी की घोषणा की है, जब देश के किसान तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ बीते कई महीनों से आंदोलन कर रहे हैं. किसान संगठनों की मांग की है कि सरकार तीनों नए कृषि कानून को वापस ले. साथ ही वे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी चाहते हैं जबकि सरकार साफ कर चुकी है कि एमएसपी को खत्म नहीं किया जाएगा और आज एक बार फिर रबी फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी की घोषणा हो चुकी है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अनुराग ठाकुर ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की जानकारी दी. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गेहूं के समर्थन मूल्य में 40, जौ की एमएसपी में 35, चना में 130, मसूर व सरसों में 400 और सूर्यमुखी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 114 रुपए की बढ़ोतरी की गई है.

‘MSP में बढ़ोतरी 2018-19 के बजट घोषणा के अनुरूप’

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि रबी मार्केटिंग सीजन (RMS) 2022-23 के लिए रबी फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी केंद्रीय बजट 2018-19 में की गई घोषणा के अनुरूप है, जिसमें कहा गया था कि देशभर के औसत उत्पादन को मद्देनजर रखते हुए एमएसपी में कम से कम डेढ़ गुना इजाफा किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को तर्कसंगत और उचित कीमत मिल सके। किसान खेती में जितना खर्च करता है, उसके आधार पर होने वाले लाभ का अधिकतम अनुमान किया गया है। इस संदर्भ में गेहूं, कैनोला व सरसों (प्रत्येक में 100 प्रतिशत) लाभ होने का अनुमान है। इसके अलावा दाल (79 प्रतिशत), चना (74 प्रतिशत), जौ (60 प्रतिशत), कुसुम के फूल (50 प्रतिशत) के उत्पादन में लाभ होने का अनुमान है।

बयान के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों से तिलहन, दलहन, मोटे अनाज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में एकरूपता लाने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास किए जाते रहे हैं, ताकि किसान इन फसलों की खेती अधिक रकबे में करने के लिए प्रोत्साहित हों। इसके लिए वे बेहतर प्रौद्योगिकी और खेती के तौर-तरीकों को अपनायें, ताकि मांग और आपूर्ति में संतुलन पैदा हो।

रबी फसलों के लिए मार्केटिंग सीजन (2022-23) के लिए MSP

गेहूं की MSP 2015 रुपए प्रति क्विंटल
चना की MSP 5230 रुपए प्रति क्विंटल
जौ की MSP 1635 रुपए प्रति क्विंटल
मसूर दाल MSP 5500 रुपए प्रति क्विंटल
सूर्यमुखी MSP 5441 रुपए प्रति क्विंटल
सरसों MSP 5050 रुपए प्रति क्विंटल

पिछले साल के मुकाबले किस फसल की कितनी MSP बढ़ाई गई?

गेहूं की MSP में 40 रुपए की बढ़ोतरी
चना की MSP में 130 रुपए की बढ़ोतरी
जौ की MSP में 35 रुपए की बढ़ोतरी
मसूर दाल की MSP में 400 रुपए की बढ़ोतरी
सूर्यमुखी की MSP में 114 रुपए की बढ़ोतरी
सरसों की MSP में 400 रुपए की बढ़ोतरी

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