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महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में आनंद गिरि को भेजा गया 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, होगी कड़ी पूछताछ

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में जांच तेजी से चल रही है. बुधवार को मुख्य आरोपी आनंद गिरि को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

वहीं मामले में अब तक पुलिस ने महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि और आद्या तिवारी को गिरफ्तार किया है. दरअसल पुलिस को महंत नरेंद्र गिरि के शव के पास से सोमवार को यह सुसाइड नोट मिला था. नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं दुखी होकर आत्महत्या करने जा रहा हूं. नोट में आगे लिखा था कि मेरी मौत की जिम्मेदारी आनंद गिरि, हनुमान मंदिर के पुजारी अद्या तिवारी और संदीप तिवारी की है. मेरा प्रयागराज के पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से अनुरोध है कि मेरी मौत के जिम्मेदार उपरोक्त लोगों पर कार्रवाई की जाए. ताकि मेरी आत्मा को शांति मिल सके.

 

SIT गिरि की सुरक्षा में तैनात चारों गनरों से भी कर रही पूछताछ

जिसके बाद पुलिस ने हरिद्वार से आनंद गिरि को हिरासत में लिया था. वहीं मंगलवार को प्रयागराज पुलिस ने इस मामले में एसआईटी का गठन भी किया था. वहीं मामले में महंत नरेंद्र गिरि की सुरक्षा में तैनात गनरों से भी पूछताछ की जा रही है. मामले की जांच कर रही एसआईटी महंत नरेंद्र गिरि की सुरक्षा में तैनात चारों गनरों से गहन पूछताछ कर रही है.

बाघंबरी गद्दी मठ में दी गई महंत के पार्थिव शरीर को भू समाधि

कल दोपहर से ही पुलिस लाइंस में रोककर चारों से पूछताछ की जा रही है. वहीं जानकारी के अनुसार गनर अजय सिंह को मंगलवार को ही हिरासत में ले लिया गया था. वहीं बाकी तीनों गनरों को आज बुधावार को हिरासत में ले लिया गया है. वहीं आज महंत नरेंद्र गिरि को भू समाधि दे दी गई. बाघंबरी गद्दी मठ में महंत के पार्थिव शरीर को भू समाधि दी गई. उन्होंने अपने सुसाइड नोट में इसी जगह पर भू समाधि की इच्छा जताई थी.

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