उत्तर प्रदेशबड़ी खबरलखनऊ

ब्राह्मणों के बाद अब शिक्षक वर्ग पर बसपा की नजर, पार्टी प्रदेशभर में चलाएगी अभियान

उत्‍तर प्रदेश में ब्राह्मण वोट बैंक के बाद अब बहुजन समाज पार्टी (BSP) की नजर प्रदेश के शिक्षक वर्ग पर है. बसपा शिक्षकों के एक बड़े वर्ग को अपने पाले में लाने की कोशिशों में है. दरअसल प्रदेश में 2.43 लाख वित्तविहीन शिक्षक हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में करीब 18 हजार स्कूलों में 2.43 लाख वित्तविहीन शिक्षक पढ़ा रहे हैं. प्रदेश में 47546 संविदा और 273657 आउट सोर्सिंग के कर्मचारी हैं. इसके अलावा संविदा के आधार पर ग्राम रोजगार, शिक्षा मित्र, आशा बहुओं के साथ वित्तविहीन शिक्षकों का एक बड़ा वर्ग है. माना जाता है कि इस समूह का बड़ा वोटबैंक है. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक मायावती इस बार इसे मुद्दा बनाकर इनका वोटबैंक हासिल करना चाहती हैं. मायावती ने प्रबुद्ध वर्ग विचार गोष्ठी के समापन पर लखनऊ में सात सितंबर को ऐलान किया था कि सत्ता में आने पर वित्तिविहीन शिक्षकों के लिए आयोग बनाकर उनके लिए काम करेंगी.

वरिष्‍ठ नेताओं को पार्टी ने सौंपी  जिम्‍मेदारी

रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे समूह के लोगों को पार्टी के साथ जोड़ने की जिम्मेदारी पार्टी राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा और उनकी पत्नी कल्पना मिश्रा को सौंपी गई है. प्रयागराज में महिला सम्मेलन के दौरान वित्तविहीन शिक्षकों को बुलाया गया और उनसे विचार-विमर्श किया गया. पार्टी ने पश्चिमी और पूर्वी यूपी के लिए नेताओं की जिम्मेदारियां तय कर दी है. पार्टी के नेताओं का कहना है कि बसपा पूरे प्रदेश में अभियान चलाएगी. वहीं पार्टी मुस्लिमों को जोड़ने का अभियान चलाने जा रही है.

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र बिंदु में आई जातिवाद की राजनीति

उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी के शपथ लेने के साथ ही 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले जातिवाद देश की राजनीति के केंद्र में आ गया है. चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने को ना सिर्फ पंजाब बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. कांग्रेस ने उत्तर भारत के किसी राज्य में पहली बार अनुसूचित जाति के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाकर ऐसा दांव चला है जिसकी चर्चा राजनीतिक हलकों में हावी होती दिख रही है. लगभग सभी दलों के नेताओं ने उनकी नियुक्ति का स्वागत किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, और आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान ने मुख्यमंत्री बनने पर चन्नी को बधाई दी जबकि भारतीय जनता पार्टी और बसपा ने कांग्रेस को चेताते हुए कहा कि उसका यह कदम सिर्फ दलितों का वोट हासिल करने के लिए महज राजनीतिक हथकंडा नहीं होना चाहिए. मायावती ने बीजेपी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया था कि चाहे पंजाब हो या उत्तर प्रदेश या अन्य कोई राज्य, ‘जातिवादी दल’दलितों और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को जो भी दे रहे हैं, वह उनके वोट पाने के लिए और स्वार्थ सिद्धि के लिए है, न कि उनके (दलितों) उत्थान के लिए.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button