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बलिया: ऑक्सीजन न मिलने से मौत के मामले में जांच के आदेश, विपक्ष के नेता का सरकार पर आरोप

बलिया। बलिया जिला प्रशासन ने जिला अस्‍पताल में कथित रूप से ऑक्‍सीजन प्रबंध न होने से एक व्‍यक्ति की मौत के मामले में जांच के आदेश दिये हैं। इस मामले में विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उत्‍तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं समाजवादी पार्टी के वरिष्‍ठ नेता राम गोविंद चौधरी ने इस मामले में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्‍व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार को दोषी ठहराया है जबकि भाजपा सांसद रवींद्र कुशवाहा ने दोषी चिकित्‍सक के खिलाफ हत्‍या का मामला दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल, जिले के दोकटी थाना क्षेत्र के दलन छपरा गांव के रामजीत यादव की शनिवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई। यादव के परिजन ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजन का कहना है कि उन्होंने कल शाम यादव को अस्पताल में भर्ती कराया था। उनका आरोप है कि वह ऑक्सीजन की व्यवस्था को लेकर जिला अस्पताल में दौड़ लगा रहे थे, लेकिन वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था जो रोगी को ऑक्सीजन दे सके जिसके उसकी मौत हो गई।
जिलाधिकारी अदिति सिंह के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। सूचना विभाग द्वारा शनिवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल में परिवार द्वारा अस्पताल की लापरवाही और ऑक्सीजन न मिलने के कारण मौत होने का आरोप लगाने का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद कार्रवाई का निर्देश दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। उन्होंने बताया है कि जांच रिपोर्ट आने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राज्य विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी ने इस मामले में रविवार को योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यादव की मौत के लिए योगी सरकार दोषी है। उन्होंने कहा कि मोदी और योगी सरकार लगातार बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का दावा कर रही है, जबकि बलिया के जिला अस्पताल में ऑक्सीजन के अभाव में एक व्यक्ति की मौत हो जाती है।
उधर, भाजपा के सलेमपुर के सांसद रवींद्र कुशवाहा ने दोषी चिकित्सक के विरुद्ध तत्काल हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक की लापरवाही के कारण किसी रोगी का मौत हो जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इस मामले में दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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